भारतीय कियान यूनियन ने केंद्र सरकार के तीनों अध्यादेशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले भाकियू नेता रतनमान सिंह गुट के किसानों ने सड़कों पर उतर केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर खरीद गारंटी तथा फसल भुगतान सुनिश्चित का अध्यादेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार द्वारा कृषि से संबधित तीनों अध्यादेशों को रद्द करने की मांग को लेकर सांसद नायब सैनी व विधायक को ज्ञापन सौंपा।
सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने मांग की कि अब सरकार को किसानों के हितों के लिए समर्थन मूल्य पर फसल खरीद गारंटी का कानून नहीं बनाया तो प्रदेश में सरकार के खिलाफ बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा। धरने प्रदर्शन को नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष रतनमान और कुरुक्षेत्र जिला अध्यक्ष बलजीत सिंह जेनपुर ने अध्यक्षता की। इससे पूर्व किसानों ने जाट धर्मशाला में किसान पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की। इस प्रदर्शन में कैथल, कुरुक्षेत्र तथा रादौर हलका के किसानों ने भाग लिया। किसान नेता रतनमान ने कहा कि भाकियू के प्रदेश स्तरीय ऐलान के मुताबिक प्रदेश के सभी लोकसभा और राज्य सभा तथा विपक्ष के नेताओं को अगस्त माह के दौरान ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसी कड़ी में रविवार को हिसार और कुरुक्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपे गए। मान ने कहा कि अगस्त माह में अगस्त किसान क्रांति आंदोलन शुरू किया गया है।
आंदोलित किसानों ने जाट धर्मशाला से जिंदल चौक पर पहुंच कर पैदल मार्च निकालते हुए भीषण गर्मी के बीच सांसद नायब सैनी के आवास पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया। निर्धारित समय पर न पहुंचने से किसानों ने सांसद के खिलाफ रोष जाहिर किया। सांसद के पहुंचने तक आंदोलित किसान कड़ी धूप और तपती सड़क पर डटे रहे। प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार घमंडी नेताओं का टोला है। जो किसानों की बात सुनने के तैयार नही है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल मोठसरा, प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा, प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान, प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिलोंवाली, यमुनानगर जिलाध्यक्ष सुभाष गुज्जर, रिशाल सिंह टयोंठा, तेजपाल शाहबाद, मंडल महामंत्री अमर सिंह टाटकी, मदन बपदा, जसबीर जेनपुर, अजीत सिंह भूत माजरा, हरपाल संगरोली, यशपाल राणा, बनी सिंह राणा, विकास जेनपुर, भूरा पंजेटा, प्रदीप गादली, धर्मबीर नेहरा सहित सैंकड़ों किसान मौजूद थे।
अगर अध्यादेश किसान हितैषी है तो मुख्यमंत्री बुलाए सर्वदलीय बैठक
प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तीनों अध्यादेशों की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए 15 अगस्त से पूर्व प्रदेश की सभी विपक्षी दलों के नेताओं और कृषि विशेषज्ञों और प्रदेश सभी किसान संगठनों की सांझी बैठक बुला कर विशेष चर्चा करवाएं। चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही अध्यादेशों के प्रति पनप रहे रोष समाप्त होने के साथ-साथ किसानों का भ्रम भी दूर हो जाएगा।
चार सितंबर को रोहतक में होगी प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत
अगर सरकार ने इन तीनों अध्यादेशों को जल्द वापस नहीं लिया गया तो इसके विरोध आगामी चार सितंबर को रोहतक की नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें किसान आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। रोहतक किसान महापंचायत के आयोजन से पूर्व भाकियू नेताओं के प्रति कही से पैसा लेने के बारे में लगाए गए आरोप के संबंध में कृषिमंत्री जेपी दलाल अपने रुख को स्पष्ट करें। वरना किसानों के विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।