कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन पब्जी गेम का बच्चों व युवाओं पर घातक असर पड़ रहा है। शहरवासियों ने पब्जी गेम पर पाबंदी लगाने की मांग को लेकर उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया से मुलाकात की है। इस दौरान शहरवासियों ने उपायुक्त के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे और युवा भी पब्जी की लत में फंस चुके हैं। इससे बच्चे व युवाओं पर शारीरिक व मानसिक रूप से कुप्रभाव पड़ रहा है। इस मामले पर उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपील की है कि अभिभावक अपने बच्चों को लंबे समय तक स्मार्ट फोन न दें और अगर किसी के मोबाइल में पब्जी गेम है तो उसे तुरंत डिलीट कर दें।
यह बच्चों व युवाओं के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। वहीं कहा कि जो बच्चा गेम की लत में फंस चुका है उसकी सिविल अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ से काउंसलिंग कराए। बता दें कि अमर उजाला 20 अप्रैल को पब्जी गेम के दुष्प्रभावों से संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर चुका है। काबिलेगौर है कि जिले में पब्जी गेम से पीड़ित कई मरीज सामने आ चुके है। इनमें स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी भी शामिल था, जो बुरी तरह से पब्जी गेम के चुंगल में फंस चुका था, जिसकी वजह से स्वास्थ्यकर्मी को शारीरिक परेशानी शुरू हो गई। जांच कराने पर वह सर्वाइकल रोग से पीड़ित मिला। जब इसका कारण पता चला तो उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से पब्जी ऐप को डिलीट कर दिया था। उसके पश्चात उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है।