हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत ने कहा कि किसी भी देश का
विकास उस देश की युवा शक्ति के ओज और प्रतिभा पर निर्भर करता है। उन्होंने
युवाओं को उनकी क्षमताओं का अहसास कराया और कहा कि युवाओं को सामाजिक
बुराइयों और दुर्व्यसनों को छोड़कर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहिए।
आचार्य डॉ. देवव्रत वीरवार को एनआईटी के सांस्कृतिक उत्सव ‘कॉन्फ्लुएंस 16’
का शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यूनान के
दार्शनिक का उदाहरण देते हुए इंसान की सही परिभाषा बताई। वास्तव में इंसान
वो है जो किसी दूसरे के हृदय-स्पंदन को महसूस कर सके, जो अपनी आंखों को
दूसरे के आंसुओं का जरिया बना सके।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने
रासायनिक खाद से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए जैविक कृषि
की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक बुराइयों के
बहिष्कार को प्रोत्साहित करने वाले नाटकों को कॉन्फ्लुएंस जैसे बड़े
महोत्सव में आयोजित करने की बात कही।
आचार्य डॉ. देवव्रत ने स्वर्गीय
अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को समर्पित छात्राओं के लिए नवनिर्मित
छात्रावास का अनावरण किया गया। चार दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में
विशिष्ट अतिथि सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना मौमाला नायक, संस्थान के निदेशक
प्रो. आनंद मोहन, डीन (छात्र कल्याण) प्रो. सतहंस, सभी क्लबों के अध्यक्ष
प्रो. एसएन सचदेवा एवं अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के पिता बीएल चावला भी
उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक व
गैर-शिक्षक, अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
25 संस्थानों के विद्यार्थी ले रहे भाग
संस्थान
के निदेशक प्रो. आनंद मोहन ने बताया कि इस उत्सव के दौरान 25 से अधिक
राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों व अन्य विश्वविद्यालयों के विभिन्न प्रतिभागी
प्रतिभा व कौशल को तराशेंगे। सभी क्लबों के प्रो. इंचार्ज प्रो. एसएन
सचदेवा ने बताया कि इसमें कला, साहित्य, वाद-विवाद, संगीत व नृत्य से
संबंधित 100 से अधिक प्रतियोगिताएं होगी।
नृत्यांगना ने किया रोमांचित
सुप्रसिद्ध
कत्थक नृत्यांगना मौमाला नायक ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को
रोमांचित कर दिया। उनके गंगा नदी, भगवान शिव एवं भगवान विष्णु के दशावतार
पर आधारित कत्थक नृत्य ने जुबली हॉल में उपस्थित सभी दर्शकों को अपने सुर
और ताल के साथ थिरकने पर मजबूर कर दिया।