कुरुक्षेत्र। बारना स्थित सुपर-100 केंद्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। सरकार द्वारा शिक्षा के मॉडल के रूप में प्रचारित इस केंद्र पर छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सोनीपत और सफीदों समेत कई क्षेत्रों से पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों ने फोन कर केंद्र के अंदर बदइंतजामी, मानसिक प्रताड़ना और मारपीट तक की शिकायत की है। छात्रों का आरोप है कि केंद्र में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। पानी में बदबू आती है, समय पर खाना और दवाइयां नहीं दी जातीं। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की जाती है। छात्रों और अभिभावकों ने फीस के नाम पर 7500 रुपये वसूले जाने के भी आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब वे बच्चों से मिलने पहुंचे तो केंद्र प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया और उन्हें अंदर जाने से रोका गया। कुछ अभिभावकों ने कर्मचारियों पर धमकाने के आरोप भी लगाए।
मामला बढ़ने पर गुस्साए अभिभावकों ने केंद्र के बाहर सड़क को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया इसके बाद बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद बारना सुपर-100 केंद्र की व्यवस्थाओं और छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी सुपर-100 बारना केंद्र को लेकर 22 मई को भी विवाद सामने आया था, जब तीन छात्राएं केंद्र छोड़कर चली गई थीं। उस दौरान एक छात्रा ने अपने परिजनों के नाम लिखे पत्र में कहा था कि उसका केंद्र में मन नहीं लग रहा और वह मानसिक रूप से परेशान है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने संस्थान के बाहर पहुंचकर हंगामा किया था। परिजनों का आरोप था कि उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा था और संस्थान में छात्रों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। वहीं कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया था कि बच्चों से मिलने देने के नाम पर रुपये मांगे गए। मामले के बढ़ने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। जिसके बाद सुपर 100 पर गंभीर आरोप लगे थे कि उन्होंने छात्राओं की जानकारी अभिभावकों को भागने के 16 घंटे बाद भी नहीं दी। वहीं 23 मई को इस घटना के बाद डीईओ विनोद कौशिक ने केंद्र पर दौरा कर व्यवस्था का हाल जाना था। वहीं उन्होंने कहा कि लगाए गए नए आरोपों की भी जांच कराई जाएगी।