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Kurukshetra News: इंडोनेशिया का बाली द्वीप, जहां 90 फीसदी युवा जाते हैं मंदिर

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कुरुक्षेत्र। बाली, इंडोनेशिया में  अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन  पर आयोजित कार्यक्रम के
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कुरुक्षेत्र। पर्यटन की दृष्टि से इंडोनेशिया का बाली द्वीप बेहद अहम माना जाता है। यह द्वीप धर्म व संस्कृति के प्रति समर्पित है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसमें लीन दिखाई देते हैं। बाली में 90 फीसदी युवा मंदिर जाता है। यहां 25 फीसदी बजट मंदिरों के निर्माण व संस्कृति को बढ़ावा देना के लिए खर्च होता है। हर व्यक्ति दिन में तीन बार (त्रिसंध्या) पूजा करता है।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के सिलसिले में चार दिनों से बाली पहुंचे कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य अशोक रोशा, डॉ ऋषिपाल मथाना ने संपर्क कर वहां की सभ्यता, संस्कृति व राजनीतिक गतिविधियों पर जानकारी साझा की। वे बताते हैं कि यहां महीने में दो बार पूर्णमासी व अमावस्या को लोग मंदिर जरूर जाते हैं। पहले वह घर में पूजा करते हैं फिर मोहल्ले के मंदिर में पूजा और उसके बाद मुख्य मंदिर में पूजा करते हैं। इसके अलावा सुबह शाम पितरों की भी पूजा की जाती है।
उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में राष्ट्रीय अध्यक्ष गवर्नर सांसद और और विधायक मिलकर सरकार चलाते हैं। एक राज्य में चार सांसद 55 विधायक होते हैं। चुनाव के बाद सभी पार्टियों के विधायक व सांसद मिलकर सरकार चलाते हैं। किसी बात पर मतभेद हो तो मतदान द्वारा मतभेद दूर किए जाते हैं। बाली में चार सांसद हैं। एक के जिम्मे कानून मंत्रालय, दूसरे के वित्त मंत्रालय, तीसरे के निर्माण चौथे के जिम्मे स्वास्थ्य व शिक्षा आदि का कार्य है। उनके सहयोग के लिए प्रत्येक के साथ 13 विधायक होते हैं। यह सब गवर्नर के सहयोग के साथ सरकार चलाते हैं। यहां की महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण मिला हुआ है। 1500 गांवों वाले बाली द्वीप में 53 हिंदू विधायक, एक मुस्लिम और एक ईसाई विधायक हैं। इनमें से 10 महिलाएं हैं।
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केडीबी सदस्य बताते हैं कि बाली के हर गांव में दो सरपंच है। एक सरपंच विधायक के कार्य देखता है तो दूसरे के जिम्मे धार्मिक कार्य होते हैं। सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्य में धार्मिक सरपंच को प्रमुखता दी जाती है। हर गांव में एक पुलिस और एक सेवा का अधिकारी होता है। पुलिस के अधिकारी आपसी सहमति बनाकर दोनों पक्षों में समझौता करने का प्रयास करते हैं, जिसके चलते यहां कोर्ट में मुकदमे बेहद कम पहुंचते हैं। यहां तक कि लव मैरेज के भी मामले पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों के परिजनों से आपसी सहमति से करवा देते हैं। सेना के अधिकारी का काम बाहरी घुसपैठियों पर नजर रखना है। यहां दुष्कर्म जैसे मामले कई-कई वर्षों बाद सामने आते हैं।
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कुरुक्षेत्र। बाली, इंडोनेशिया में  अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन  पर आयोजित कार्यक्रम के

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