सामाजिक न्याय मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशन सैन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से पिछड़े वर्ग के लोगों को पंचायती राज और निकाय चुनावों में आरक्षण देने की मांग की।
सैन ने कहा कि हरियाणा को बने 50 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक बनीं सरकारों ने अति पिछड़ों को पंचायती राज और निकाय चुनावों में सम्मानपूर्वक सीटें आरक्षित नहीं की हैं। अनुसुचित जाति जनजाति एक्ट की भांति ही संवैधानिक तरीके से अति पिछड़ों के शोषण के खिलाफ स्पेशल एक्ट का निर्माण होना चाहिए।
मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैन वीरवार को कुरुक्षेत्र के एक निजी होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, लेकिन आज तक पूरा कोटा नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि मंडल कमीशन में एलआर नायक की रिपोर्ट को पूरी तरह लागू किया जाए। सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण 27 प्रतिशत में से 16 प्रतिशत अति पिछड़े वर्ग अर्थात बीसी ए और 11 प्रतिशत बीसी बी के लिए निर्धारित किया गया है।
क्लास 3 और क्लास 4 में तो कर्मचारियों की भर्ती की जाती है, लेकिन क्लास 1 और 2 में आज तक उन्हें पूरा हक नहीं दिया जा रहा। सरकार द्वारा कोटे में प्रथम और द्वितीय श्रेणी में मात्र 10 प्रतिशत दिया गया है, जबकि श्रेणी-ए के लोगों का 16 प्रतिशत बनता है।
इस वजह से करीब एक लाख पद इसी कोटे के खाली पड़े हैं। मांग की कि वह बैकलॉग पूरा करे और नियमानुसार ही आरक्षण दे। बताया कि इस मांग को लेकर एक नवंबर को हरियाणा दिवस पर पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधि मंडल सीएम हाउस करनाल में ज्ञापन सौपेंगे।
उन्होंने कहा कि आज तक जिला परिषद, ब्लाक समिति, निकाय चुनावों आदि में पिछड़ा वर्ग को कोई सीट नहीं दी जाती। जबकि, पूरे 27 प्रतिशत में से 16 प्रतिशत हक अति पिछड़े वर्ग का ही है। उन्होंने सीएम से मांग की कि इस बार भाजपा सरकार को सबसे अधिक सपोर्ट पिछड़ा वर्ग ने किया है।
यदि अब भी न्याय नहीं मिला, तो पिछड़ा वर्ग सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग नेता तेजवीर सैन, राजू सैन, कालू सोनी, पिछड़ा वर्ग नेता देवी दयाल, दरियाव सिंह कश्यप, एडवोकेट सतीश सैन, अमित खत्री आदि उपस्थित रहे।