कुरुक्षेत्र। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा कि हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण देश का नंबर एक प्राधिकरण बन चुका है।
उन्होंने विद्यार्थी विधिक साक्षरता मिशन को आगे बढ़ाने में अध्यापकों की सराहना की।
मुख्य न्यायाधीश शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में हरियाणा शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित विद्यार्थी विधिक साक्षरता मिशन के पांचवें वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भांति-भांति की घटनाएं हो रही हैं और इनको सुधारने की आवश्यकता है। इसके लिए नागरिकों की जागरूकता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कई बार बच्चों से भी हमें सीख मिलती है और इस मिशन के तहत बच्चों को कानूनी जागरूकता और शिक्षा दोनों ही दी जाती है, जो आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के सामने चुनौतियां बहुत हैं। कुछ क्षेत्रों में भारत कई वर्षों तक विश्व में अग्रणी रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्राधिकरण की मौलिक अधिकार और वरिष्ठ नागरिक दो पुस्तकों का विमोचन किया। समारोह में प्राधिकरण द्वारा आयोजित भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन, पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन, कविता पाठ, ऑन द स्पॉट पेंटिंग और स्लोगन के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
विद्यार्थी विधिक साक्षरता मिशन के पांचवें वार्षिक समारोह समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कानूनी ज्ञान की हमारे कर्तव्य और अधिकार को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह अच्छे समाज के निर्माण में सहायक होता है।
जो समाज शिक्षा, खेल और कानूनी ज्ञान में आगे बढ़ेगा, वो ही प्रगति करेगा। युवा पीढ़ी को राष्ट्र के निर्माण में इसका रचनात्मक उपयोग करना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि स्टूडेंट विधिक साक्षर मिशन की स्थापना राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2005 में युवा पीढ़ी को हमारे संविधान और कानून का ज्ञान देने के उद्देश्य से की गई थी।
आज प्रदेश के 2600 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 192 महाविद्यालय और 1045 प्राइवेट स्कूल और कॉलेजों में विधिक साक्षरता क्लबों की स्थापना की जा चुकी है।
हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एसके मित्तल ने कहा कि प्राधिकरण ने वर्ष 2009 में विद्यार्थी विधिक साक्षरता मिशन की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, कानूनी ज्ञान का संदेश परिवार तक पहुंचाना और कानूनी जागरूकता से अच्छे नागरिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि आज विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थी विधिक क्लब स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के प्रति जागरूक होने के फलस्वरूप प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार है।