मांगों को लेकर बुधवार को सैकड़ों मनरेगा मजदूर सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन व नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। ताज पार्क में सुबह ही मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुए मजदूर नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। जहां पर भी उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया और धरना देने उपरांत राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया जबकि उनके साथ राज्य सचिव संसार चंद, जनसंघर्ष मंच की राज्य सदस्य उषा कुमारी सहित अन्य मजदूर नेता भी मुख्य रुप से उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह व सचिव नरेश कुमार ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को मजदूरी का भुगतान भी लंबे समय से नहीं किया जा रहा है।
यहां तक कि पिछले छह माह से मजदूरी अटकी हुई है, जिससे उनके सामने अपना घर चलाने के लिए मुश्किल खड़ी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कभी मजदूरों को काम ही नहीं दिया जाता तो जब काम दिया जाता है तो अधिकारी फंड न आने की बात कहकर उनका आर्थिक शोषण करते है। उन्होंने आरोप लगाए कि अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे है जबकि मनरेगा मजदूरों के लिए आया पैसा हड़प लिया गया है।
निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान करनैल सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को बीआसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड में पंजीकरण किए जाने के बाद सिलाई मशीन, महिला सम्मान भत्ता, बेटियों की शादी में सहायता राशि आदि लाभ दिए जा रहे है जबकि पंजीकरण के 50 दिन बाद उन्हें कार्य दिए जाने का प्रावधान किया हुआ है। जब मजदूरों को काम ही नहीं दिया जा रहा है तो उक्त सुविधाएं मिलना अपने आप ही असंभव है। इस अवसर पर मजदूरों को आहवन किया कि 2 सितंबर की होने वाली राष्ट्र व्यापी हड़ताल में बढ़चढ़ कर भाग लें। प्रदर्शनकारियों को रामचंद्र, मेवा सिंह सहित अन्य मजदूर नेताओं ने भी संबोधित किया।