कुरुक्षेत्र। वैवाहिक कलह के एक मामले में 33 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए केयूके थाने में तैनात एएसआई शर्मिला मलिक को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अंबाला की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। एएसआई पीड़ित से उसके पक्ष में बयान लिखकर मामले को रफा-दफा करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रही थी।
पीड़ित ने जब इतने रुपये देने में असमर्थता दिखाई तो 35 हजार में सौदा तय कर दो हजार रुपये मौके पर ही ले लिए थे। बाकी रुपये देने के लिए शुक्रवार का दिन तय किया गया था। पीड़ित ने एसीबी से संपर्क कर एएसआई को रंगे हाथ पकड़वाया। एसीबी को दी शिकायत में शरीफगढ़ निवासी नवदीप सिंह ने बताया कि पंजाब के जालंधर जिले रामगढ़ फिलौरा के रहने वाले उनके ताऊ के बेटे सिमरनजीत सिंह की शादी ज्योतिसर गांव निवासी प्रभजीत कौर से 15 सिंतबर 2024 को हुई थी। शादी के लगभग छह माह के बाद 2 अप्रैल 2025 को प्रभजीत के पिता हरमीत सिंह उन्हें लेने के लिए उनके घर पर आए और बोले कि प्रभजीत की माता का जन्मदिन है और घर पर कुछ कार्य है जिन्हें निपटाने के बाद वह प्रभजीत को वापस पहुंचा देंगे। लगभग एक साल बाद भी प्रभजीत वापस नहीं आई और सिमरनजीत सिंह के खिलाफ थाना केयूके के महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करवा दी।
इसके बाद एएसआई शर्मिला मलिक ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया, यहां शर्मिला ने शिकायतकर्ता व सिमरनजीत को अलग बुलाकर कहा कि प्रभजीत के परिजन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उन्होंने 10 लाख रुपये देने में असमर्थता दिखाते हुए कहा कि सेक्शन नौ के तहत मामले की अपील कोर्ट में दायर कॉपी एएसआई को सौंप दी। शर्मिला ने इसके बाद 50 हजार रुपये की मांग करते हुए कहा कि वह बयान उनके पक्ष में लिख देगी जिससे उनकी अदालत में मदद होने का हवाला दिया। अंत में दाेनों के बीच 35 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद एएसआई ने शिकायतकर्ता से दो हजार रुपये मौके पर लिए और बकाया राशि शुक्रवार को बयान लिखवाने के समय देने की बात तय हुई।
शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत देते हुए कहा कि वह एएसआई को रिश्वत नहीं देना चाहते हैं, अगर उन्होंने रुपये नहीं दिए तो वह उनका काम रोक देगी।
टीम ने शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 66 रंगे हुए नोट देकर एएसआई को देने के लिए बोला। सेक्टर 13 में शाम के समय जब एएसआई रुपये लेने आई तो एएसआई को रुपये देते ही शिकायतकर्ता ने एसीबी टीम को इशारा कर दिया और टीम ने मौके पर पहुंचकर एएसआई शर्मिला मलिक को रंगे हाथ दबोच लिया।
जिले में पहले भी खाकी कई बार हो चुकी दागदार
- 24 अक्तूबर 2025 काे थाना शहर प्रभारी विनय एक मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया गया था।
- करीब तीन साल पहले जिले में विजिलेंस की टीम ने सेक्टर-सात चौकी प्रभारी और महिला एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। केस रफा-दफा करने के लिए एवज में शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की मांग की थी।
- 21 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कुरुक्षेत्र और करनाल की टीम ने लाडवा थाने के एक हवलदार को 13 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। टीम ने आरोपी के कब्जे से राशि भी बरामद की। आरोपी हवलदार ने दुर्घटना के मामले में वाहन की सुपुर्ददारी के एवज में 20 हजार रुपये मांगे थे। बाद में 13 हजार रुपये में बात पक्की हुई थी।
कुरुक्षेत्र। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम एएसआई शर्मिला मलिक को अपने साथ मेडिकल करव
कुरुक्षेत्र। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम एएसआई शर्मिला मलिक को अपने साथ मेडिकल करव