संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी तीर्थ की अष्टकोसी परिक्रमा 28 मार्च को सुबह साढ़े चार बजे आरंभ होगी। प्राचीन तीर्थ नाभी कमल मंदिर दर्राखेड़ा के महंत विशाल मंणिदास ने बताया कि यह अष्टकोसी परिक्रमा (24 किलोमीटर) मंदिर से आरंभ होकर सायं सात बजे इसी मंदिर में संपन्न होगी।
यह तीर्थ यात्रा सोम तीर्थ कार्तिकेय मंदिर (ओजस तीर्थ) बाहरी, स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर, ब्रह्मामंदिर, दधीचि तीर्थ, कुबेर तीर्थ, परशुराम तीर्थ, खीर सागर, नंदी-भौजी तीर्थ, सरस्वती तीर्थ खेड़ी मारकंडा, जिला कारागार के पीछे स्थित वृद्ध कन्या तीर्थ, रंतुक यक्ष (ठाकुरद्वारा रत्नदक्ष पिपली), शिव मंदिर पलवल, औघड़ तीर्थ, बाण गंगा दयालपुर, अपगया तीर्थ (कर्ण का टिल्ला), भीषम कुंड नरकातारी तीर्थों पर जाएगी। इसके पश्चात नाभीकमल तीर्थ में यह यात्रा संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि चैत्रकृष्ण चतुर्दशी को होने वाली इस तीर्थ यात्रा के बारे में शास्त्रों में वर्णित है कि जो व्यक्ति इस यात्रा का संकल्प करता है अथवा इस यात्रा में शामिल लोगों की सेवा करता है वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है।