कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर ने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों के कारण व्यापारी बर्बादी के कगार पर हैं और खाड़ी में चावल का निर्यात बंद होने से चावल उद्योग तबाह हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज व्यापारी और किसान दोनों परेशान हैं। इसका वर्तमान सरकार के पास कोई हल नजर नहीं आ रहा। वर्तमान सरकार केवल व्यापरियों का दोहन करने में लगी है। सरकार को चावल उद्योग के लिए विशेष पैकेज जारी करने चाहिए।
तंवर शुक्रवार को नई अनाज मंडी में व्यापारियों और किसानों के साथ उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विशाल सिंगला द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
तंवर ने कहा कि व्यापारी और किसान अपनी समस्याएं लिख कर दें। उसे वे विधानसभा और लोकसभा में अपने सदस्यों को देंग।
इससे उनकी आवाज लोकसभा और विधानसभा में उठाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में हरियाणा में व्यापार संकट में है और व्यापारी सुरक्षित नहीं है। अशोक तंवर को व्यापारियों ने बताया कि किस तरह वर्तमान सरकार व्यापारियों से उनकी भलाई और तरक्की का वादा कर सत्ता में आई।
भाजपा सरकार ने उनके साथ छल किया। शैलर के लिए पहले सिक्योरिटी 3 लाख थी। इसे भाजपा सरकार 40 लाख करने जा रही है।
जीरी में कस्टम मीलिंग में से 67 किलो चावल मांग की जा रही है, जो व्यवहारिक नहीं है। वर्तमान समय में एक क्विंटल जीरी से 60 से 64 किलो चावल निकलता है।
बाबैन मंडी के प्रधान लाभ सिंह ने भी संबोधित किया। अंत में जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विशाल सिंगला विशेष गर्ग, सुशील सिंगला, दौलत राम, राकेश अग्रवाल, राजीव गोयल आदि व्यापारियों ने प्रदेशाध्यक्ष को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मंडी प्रधान दौलत राम, पूर्व प्रधान सुशील सिंगला काका, पूर्व प्रधान धर्मपाल, मंडी के व्यापारी नरेन्द्र जिंदल, राकेश अग्रवाल, बाबैन मंडी के प्रधान लाभ सिंह, पिहोवा मंडी के व्यापारी जनक राज सिंगला, अनूप सिंगला, प्रदीप गर्ग, पिपली मंडी से पूर्व प्रधान राजीव गोयल, मोहित गर्ग, गोपाल दास पाली, उदय सिंह खेड़ी, महिंद्र सिंह, पूर्ण सिंह, राजीव मित्तल, खजान सिंह, रामगोपाल, संजीव सिकरी, मनोहर लाल मित्तल आदि मौजूद रहे।
व्यापारियों ने बताई समस्याएं
विशाल सिंगला ने कहा कि इस समय हरियाणा में व्यापरियों से नौ प्रतिशत टैक्स की वसूला जा रहा है। यह अनुचित है। पड़ोसी राज्यों में यह टैक्स केवल दो प्रतिशत है। दो प्रतिशत मार्केट फीस, दो प्रतिशत एचआरडीएफ, पांच प्रतिशत वैट मिलाकर नौ प्रतिशत टैक्स लिया जा रहा है, जो व्यापरियों पर बोझ है।
उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष से अपील की है कि वे केंद्र सरकार से चावल उद्योग के लिए आवाज उठाएं। इसके साथ ही उन्हें भी बिना ब्याज के राहत पैकेज मिले।
इससे व्यापारी मंडियों की अदायगी निपटा सकें और आने वाले समय में किसान, व्यापारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पिपली अनाज मंडी के पूर्व प्रधान राजीव गोयल ने कहा कि अधिकारी सुविधा शुल्क की भी मांग करते हैं, जबकि व्यापारी पहले से ही इस सरकार में शोषित है।