कुरुक्षेत्र। कथक नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार। आयोजक
कुरुक्षेत्र। कथक गुरु दिवंगत पंडित कुंदन लाल गंगानी की जन्म शताब्दी पर बुधवार को दो दिवसीय शास्त्रीय नृत्य महोत्सव और कार्यशाला आरंभ हुई। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने कथक नृत्य पर प्रस्तुतियां दीं। यह आयोजन कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा, नृत्य धारा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्य अतिथि ममता सचदेवा और शुचिस्मिता उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि आशा पांडे, जगमोहन शर्मा और सुनीता दलाल भी मौजूद थे। महोत्सव में देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य कलाकारों ने भारतीय नृत्य परंपरा का प्रदर्शन किया। पहले दिन वाणी माधव एवं समूह और दीप्ति गुप्ता ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया। 30 जुलाई को मानसी सक्सेना एवं समूह कथक और के.एस.निश्रेया वरलक्ष्मी भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगी। विश्वविद्यालय कला और संस्कृति के संरक्षण में अग्रणी रहा है।
महोत्सव का उद्देश्य और कार्यशाला
पंडित कुंदन लाल गंगानी कथक नृत्य की महान विभूति थे। उन्होंने अपने जीवन में कथक को नई ऊंचाइयां दीं और सैकड़ों शिष्यों को प्रशिक्षित किया। इस महोत्सव का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संस्कृति से जोड़ना है। एक नृत्य कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है, जहां प्रतिभागी कथक की बारीकियां, ताल, लय और अभिनय कला सीख रहे हैं। हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। संगीत एवं नृत्य विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अशोक शर्मा और पुरुषोत्तम कुमार का इसमें अहम योगदान है।
कुरुक्षेत्र। कथक नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार। आयोजक