कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम के तहत एकजुट कला सृष्टि मंच के कलाकार। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। कला सृष्टि मंच ने मातृ दिवस के उपलक्ष्य में निजी पैलेस में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कलाकारों ने संगीत, शायरी, कविता, नृत्य और कव्वाली के माध्यम से मां के प्रति श्रद्धा, प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। मुख्य रूप से पहुंचे पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने भी शायरी सुनाई। दीपक कौशिक ने एक हंसी शाम को दिल मेरा कहीं खो गया गीत सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। विशाल पंडित ने कहीं दूर जब दिन ढल जाए प्रस्तुत कर भावनाओं को नई ऊंचाई दी।
डाॅ. स्वरित शर्मा ने होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो गीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। डाॅ. सत्यभूषण, डाॅ. सहदेव शर्मा, नमिता कौशिक, मानवी सेतिया ने सुरों की गूंज बिखेरी। डाॅ. जयभगवान सिंगला और सुदेश मदान ने मातृ दिवस पर कविता पाठ किया। बृजकिशोर शर्मा ने वो कल भी पास-पास थे आज भी कविता सुनाई। सरिता दहिया ने हरियाणवी चुटकुलों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। धीरज गुलाटी की शायरी, शिवकुमार किरमच की कविता और चुटकुलों पर खूब ठहाके लगे। नीरज आश्री ने ताल पे ताल मिला पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।
रीत शर्मा का कत्थक नृत्य, सुरेखा की प्रस्तुति और दीपक शर्मा की कव्वाली ने कार्यक्रम को विविध रंगों से भर दिया। अंतरराष्ट्रीय कलाकार बृज शर्मा ने बेहतरीन व्यवस्था बनाने पर फोकस रखा। संगीत, साहित्य और कला के माध्यम से मां की महिमा के गुणगान और संस्था के प्रयासों की लोगों ने सराहना की। इस अवसर पर मंजू सिंगला, प्रदीप झांब, अन्नपूर्णा शर्मा, कमला अरोड़ा, मधु मौद्गिल, रमा शर्मा, सुनील दत्त शर्मा, नीरज आश्री, रेणु खुंगर, स्वाति गुप्ता, राजेश सिंगला, डॉ. रीतु दुआ, डाॅ. अंशुमन, डाॅ. सुभाष, अमरजीत कौर, डाॅ. सुरेंद्र सहाय और ममता सहाय सहित अन्य मौजूद रहे।