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फर्जी कागज बनाकर करते थे कारों की बिक्री, गिरफ्तार

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हिरासत में पहुंचे दोनों आरोपी
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करनाल के एक युवक ने कार खरीदने के लिए कुरुक्षेत्र के पिपली निवासी कार डीलर से एक पुरानी कार का सौदा किया। डीलर ने फर्जी आरसी के सहारे कार उसको बेचकर पूरे पैसे भी ले लिए। जब पूरे पैसे अदा करने के बाद ग्राहक ने डीलर से कार के कागज अपने नाम पर कराने को कहा तो उसने धमकी दी। इस पर ग्राहक ने पुलिस से शिकायत की। जिस पर कार डीलर को गिरफ्तार कर तीन दिन में रिमांड पर लिया। जिसके बाद फर्जी कागजों के जरिये वाहनों की खरीद फरोख्त के कारोबार का खुलासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
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शुक्रवार को इस कांड का खुलासा करते हुए एसपी आस्था मोदी ने बताया कि करनाल के गांव जैनपुर साधान निवासी अरसद ने 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यालय में डाक द्वारा अपने साथ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इस शिकायत में उसने बताया कि कुरुक्षेत्र के पिपली निवासी कार डीलर गुरमीत सिंह से एक कार खरीदी थी। इस कार की खरीद के लिए उसने डीलर को 90 हजार रुपये नगद दिए तथा बाकी पर लोन के बारे में डीलर को जानकारी दी।
अरसद का कहना है कि गुरमीत सिंह ने उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए कार के नकली कागजात उसको दे दिये जबकि गाड़ी के सारी रकम वसूल कर ली। जब उसने गाड़ी की आरसी को आनलाइन चेक किया तो गाड़ी किसी और के नाम पर थी। इस बारे में गुरमीत सिंह से बात की तो उसने जान से मारने की धमकी दी। गुरमीत ने शिकायतकर्ता से कहा कि गाड़ी की आरसी तुम्हारे नाम पर बनवा दी है, इसके बाद हमारी कोई जिम्मेवारी नहीं है। जब उसने गाड़ी की आरसी को फर्जी बताया तो वह यह बात मानने को तैयार नहीं था और कहा की तुम्हारी कार की आरसी को करनाल अथारिटी मे दर्ज करवा दिया है, लेकिन उसने कार की डिटेल निकलवाई तो कार किसी और अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी थी।
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इस शिकायत के बाद एएसआई रविंद्र कुमार ने सेक्टर पांच की मार्केट से आरोपी कार डीलर गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ में फर्जी कागजों के आधार पर कारों की खरीद फरोख्त के कारोबार का खुलासा हुआ। इसके अलावा आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी संदीप उर्फ संजीव को भी धर दबोचा। एएसआई रविंद्र कुमार, एसआई सूरजाराम, हवलदार नरेश कुमार, सिपाही राजेश भी उनके साथ शामिल रहे।
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