कुरुक्षेत्र। जिला व सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने समय सीमा से अधिक देरी और स्तरहीन होने के कारण दायर आपराधिक अपील को खारिज कर दिया। साथ ही मारपीट के मामले में करणा, जसबीर उर्फ कालू और जय प्रकाश उर्फ जेपी को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
वादी ताराचंद ने जिला जज की अदालत में दाखिल अपील में 23 फरवरी 2021 को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा सिंगला की ओर से तीनों आरोपियों को बरी करने के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। तारा चंद ने आरोप लगाया था कि 6 जुलाई 2017 को शाम 7:30 बजे उनकी मोटरसाइकिल ठीक करने की दुकान पर करणा, राजीव, कालू और तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया। उन्होंने दावा किया कि करणा ने उनकी सोने की चेन व जेब से 50 हजार रुपये चुराए थे। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और शोर मचाने पर हमलावर भाग गए। इस आधार पर थाना शहर थानेसर में 9 जुलाई 2017 को एफआईआर दर्ज की गई। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश मित्तल ने माना कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में विफल रहा। ट्रायल कोर्ट का फैसला तर्कसंगत और कानूनी रूप से सही पाया गया। अपील में 720 दिन की देरी को उचित ठहराने के लिए तारा चंद ने कोविड-19 के कारण बीमारी का हवाला दिया लेकिन कोई चिकित्सा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपील को समय-सीमा से अधिक और आधारहीन पाए जाने के कारण खारिज कर दिया गया।