कुरुक्षेत्र। जिले में धूम्रपान को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभाग फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इन विभागों की धूम्रपान रोकने और न ही सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वाले का चालान करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। यही कारण है कि पिछले दो साल में स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के अलावा किसी अन्य विभाग की ओर से धूम्रपान से संबंधित कोई चालान नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग जहां तंबाकू के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं चालान करने में पीछे नहीं है।
भारत में तंबाकू की वजह से हर साल साढ़े 13 लाख मौतें भी होती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में 31 से 55 फीसदी मृत्यु होने का खतरा तक बढ़ जाता है। इसके अलावा धूम्रपान या तंबाकू खाने वाले के प्रजनन अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास तंबाकू की वजह से किसी की मौत या कोई अन्य बीमारी हाेने का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है, मगर विभाग तंबाकू के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 2022-23 में विभाग की ओर से सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वाले 595 लोगों के चालान किए गए थे। इसमें परिवहन विभाग के 178 चालान भी शामिल है। इन लोगों से दोनों विभाग ने 35,210 रुपये जुर्माना वसूला गया था। इसके अलावा साल 2021-22 में कुल 150 चालान किए गए थे, जिसमें परिवहन विभाग के 48 चालान थे। इन लोगों से कुल 10,070 जुर्माना वसूल किया गया था।
जागरूकता के साथ किए जा रहे चालान
एनटीसीपी के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि विभाग गांव-गांव जाकर लोगों को तंबाकू या धूम्रपान का सेवन न करने के लिए जागरूक रहा है। विभाग और ग्राम पंचायतों के सहयोग से गांव-गांव में अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता के साथ-साथ विभाग की टीम सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वाले लोगों के चालान कर जुर्माना भी वसूल कर रही है। इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी हो रही है।