बाबैन। साढे़ तीन वर्षीय कयान और छह वर्षीय एविन की मौत के बाद उनका पिता राम प्रकाश रोते बिलखते हुए बार-बार अपने बच्चों को पुकार रहा था। यही हाल राम प्रकाश की पत्नी व कयान और एविन की मां अनु का था। वह कभी कयान को याद कर फूट-फूट कर रोने लगती तो कभी एविन की तस्वीर देखकर उसे खेलने के बुलाती। दोनों भाइयों की मौत से राम प्रकाश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सर्पदंश से रविवार-सोमवार की रात को कयान की मौत हो गई थी। अभी उसकी चिंता ठंडी भी नहीं हुई थी कि मंगलवार को उपचार के दौरान एविन ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दो भाइयों की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। उनके पिता रामप्रकाश को न चाहते हुए भी अपने मासूम बच्चों को मुखाग्नि देनी पड़ी। इस घटना से बेरथला के साथ-साथ आसपास के गांव के लोग भी सन्न हैं। हर कोई भगवान से यही मांग रहा है कि ऐसा ऐसा कहर किसी पर भी न बरपे। बच्चों के माता-पिता का दुख किसी से देखा नहीं जा रहा है।
राम प्रकाश अपने दोनों बच्चों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाना चाहता है। हालांकि राम प्रकाश मजदूरी का काम करता है, मगर वह अपने दोनों बच्चों को बाबैन के ही निजी स्कूल में भेजता था। उसने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर अफसर बनाने के सपने संजोए थे। कयान प्री नर्सरी व एविन नर्सरी कक्षा में पढ़ता थाा। मजदूरी करने बावजूद वह स्कूल की फीस समय पर भरता। दोनों बच्चे उसके सामने कुछ इंग्लिश बोलते थे तो वह फूले नहीं समाता था। वहीं स्कूल में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर आत्मिक शांति की प्रार्थना की गई।
मंगलवार को था कयान का पेपर
मंगलवार को कयान का पेपर था। रविवार रात को वह अपने दादा के साथ खेल रहा था। उसी रात उसने अपने दादा किरण से अपने पेपर की बात कही थी। उसने अपने दादा को कहा था कि सुबह उसका पेपर है और उसे स्कूल भी जल्दी जाना है। स्कूल बस देर से आई तो वे उसे स्कूल छोड़ आना और पेपर होने तक उसका स्कूल के बाहर ही इंतजार कर लेना, मगर सोमवार को ही कयान दुनिया को अलविदा कह चुका था।