आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच सोमवार को लाडवा के किसान विश्राम गृह में भाकियू का चढूनी गुट दो फाड़ हो गया। लाडवा ब्लॉक की युवा कार्यकारिणी के गठन के लिए बुलाई इस बैठक में जब गुरनाम सिंह चढूनी ने अपने भाषण के दौरान लाडवा खंड के पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए तो वे उखड़ गए।
खंड लाडवा प्रधान अजीत सिंह भूतमाजरा की अगुवाई में मामचंद, लवली बपदी, मेनपाल बुढ़ा समेत सभी पदाधिकारी बैठक से उठ गए और गुरनाम सिंह चढूनी से उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के सबूत मांगने लगे। इससे बात बढ़ गई और बैठक के बीच में ही लाडवा खंड के सभी पदाधिकारी गुरनाम सिंह चढूनी से उलझ गए। दोनों ओर से ही जमकर कहासुनी हुई। इस दौरान भाकियू की लाडवा कार्यकारिणी ने गुरनाम सिंह गुट को छोड़कर अपना गुट बनाने का ऐलान कर दिया। यही नहीं, इससे पहले जब बैठक के दौरान युवा कार्यकारिणी के गठन की बात चली तो युवाओं के पदाधिकारी बनाने की कोशिश की गई तो उसपर भी हंगामा हुआ और खंड के पदाधिकारियों ने बैठक में तुरंत उन युवाओं को बुला लिया, जो अधिकतर बैठकों में आते हैं और आंदोलनों में भाग लेते हैं। दो फाड़ होने के बाद दोनों गुटों ने अपने-अपने गुट की अलग-अलग बैठक भी की।
पुरानी कार्यकारिणी नहीं कर रही थी सही कार्य : चढ़ूनी
गुरनाम सिंह चढूनी ने इसके बाद अपने गुट की बैठक लेते हुए अरविंद खेड़ी को अपने गुट की युवा कार्यकारिणी का प्रधान चुन लिया। उन्होंने कई हिदायतें भी जारी की। उन्होंने कहा कि पुरानी कार्यकारिणी न तो सही काम कर रही थी और उन पर कई गंभीर आरोप भी थे। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे यूनियन रहे या न रहे।
पुरानी कार्यकारिणी करती रहेगी काम : अजीत
भाकियू लाडवा ब्लॉक के प्रधान अजीत सिंह भूतमाजरा ने कहा कि लाडवा के पदाधिकारी वर्षों से पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं, लेकिन खुद किए गए गबन को छुपाने के लिए गुरनाम सिंह लाडवा ब्लॉक की कार्यकारिणी पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि अब उनका गुरनाम सिंह चढूनी से कोई वास्ता नहीं है और वह स्वतंत्र रूप से भाकियू को चलाकर किसानों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पुरानी कार्यकारिणी चलती रहेगी और वह जल्द ही काम करने वाले युवाओं की नई कार्यकारिणी का गठन भी करेंगे।