भाई इतना हाम्नै ना बेरा, हम तै बस पेग लाण आए हैं...., इतना कहकर अवैध खुर्दे पर पैग लगा रहे शराबी रफू-चक्कर जरूर हो गए, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा जो दावे किये जा रहे हैं, उनकी पोल खोल गए। प्रतिबंध के बावजूद धर्मनगरी में बिना रोक-टोक जगह-जगह अवैध खुर्दों में परचून की तरह बिना लाइसेंस शराब बेची जा रही है। गांधी नगर, कीर्ति नगर, शोरगिर बस्ती, कच्चा घेर, झांसा रोड, लक्ष्मण कॉलोनी के निकट, बाहरी मोहल्ला, एकता बिहार, इंद्रा कॉलोनी, अमीन रोड, रेलवे रोड, कुरुक्षेत्र जंक्शन के निकट और गुर्जर धर्मशाला के निकट खुलेआम शराब बेची जा रही है। अवैध खुर्दे चला रहे शातिर कारिंदों को पुलिस की आहट की भनक लगते ही रफू-चक्कर हो जाते हैं, अगर पुलिस द्वारा काबू भी किये जाएं तो ज्यादातर 10 से अधिक बोतल बहुत कम रखते हैं, ताकि मामूली जुर्माना देकर सजा से बचा जा सके।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अवैध रूप से शराब की 12 बोतल तक मिलने पर पुलिस से बेल मिल जाती है और 12 बोतल से अधिक बोतल बरामद होने पर आरोपी एक दिन की जेल काटकर कोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ जाता है। मुकदमा चलता रहता है, लेकिन ये ही कारिंदे दोबारा फिर शराब बेचने का धंधा करने लगते हैं। मालूम हो कि गांधी नगर में अवैध खुर्दे को लेकर दो लोगों की हत्या की जा चुकी है और कई बार ठेकेदारों के कारिंदों के भिड़ंत हो चुकी है। आबकारी अधिकारी के अनुसार पहले आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत आने वाले मामले जमानती अपराध की श्रेणी में आते थे, जिसका सीधा फायदा शराब माफियाओं को मिलता था। हालांकि सरकार ने हाल ही में आबकारी अधिनियम में संशोधन जरूर किया है, लेकिन कारिंदों को पुलिस कार्रवाई की कोई प्रवाह नहीं है।
आबकारी अधिनियम के तहत पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में आबकारी अधिनियम के तहत 356 मुकदमे दर्ज किये गये, जिसमें 369 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से एक लाख 37 हजार 862 विभिन्न शराब की बोतलें बरामद की गईं और 930 लाहन बरामद किया था। वहीं, वर्ष 2020 में सितंबर तक 498 मुकदमे दर्ज किये गए, जिनमें 531 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से पुलिस ने 30 हजार 938 शराब की बोतल बरामद की है। यही नहीं, जिला पुलिस ने वर्ष 2020 में जिलेभर में अलग-अलग जगह चल रही शराब की 9 भट्टियों पर छापा मारकर 11 आरोपियों को काबू किया है।
सरकार ने आबकारी अधिनियम में किया संशोधन, अब छह माह तक सजा का प्रावधान : मेहता
अधिवक्ता लवकेश मेहता ने बताया कि सरकार ने हाल ही में पंजाब एक्ससाइज एक्ट-1914 के धारा-61 में संशोधन किया है। अब अवैध रूप से शराब बेचने पर 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है। वहीं 3 साल तक सजा का प्रावधान है। पहले प्रति बोतल के हिसाब से आरोपी से जुर्माना वसूल किया जाता था। 10 बोतल बरामद होने पर पुलिस बेल दे सकती है, लेकिन इससे ज्यादा बोतल बरामद होने पर कोर्ट से जमानत लेनी पड़ती है।
पुलिस शराब की तस्करी रोकने के लिए लगातार उठा रही कदम : प्रवक्ता
पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल ने कहा कि पुलिस द्वारा शराब तस्करी को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने गत दिवस भी शाहाबाद के गांव जैनपुर में छापामारी कर अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में शमशेर सिंह पुत्र बंता और वाल्मीकि मोहल्ला निवासी रिंकू पुत्र दुमन को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से पुलिस ने 19 बोतल बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी रिंकू को पुलिस बेल पर रिहा कर दिया गया।