नमस्कार, ये आकाशवाणी का कुरुक्षेत्र केंद्र है। आखिरकार पांच माह बाद ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) के कुरुक्षेत्र केंद्र पर ये पंक्ति एक बार फिर सुनाई देगी। पाबंदी को पीछे छोड़ शहर से लेकर ग्रामीण तबके तक धार्मिकता से ओतप्रोत स्वर लहरियों की मधुरतम खनक महसूस करने की कवायद चल पड़ी है। इसके तहत श्रोता सुबह को रामचरितमानस गान एवं शाम को गीता संदेश से जीवन की सच्चाई संबंधी ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
गौरतलब है कि प्रसार भारती के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 5 जून को गीता नगरी से संबंधित धार्मिक एवं अन्य ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के निर्माण एवं प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी और इस केंद्र को केवल रिले केंद्र बना दिया गया था। इन कार्यक्रमों को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं रोजगार मुक्त किए गए केजुअन एवं कंपीयर कर्मियों ने कुरुक्षेत्र के सांसद, विधायक, डीसी, राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी सहित हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. देवव्रत आदि को ज्ञापन सौंपे थे।
इन्होंने अपने-अपने स्तर पर प्रयास किए और अब केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से कार्यक्रम शुरू करने के बारे में प्रसार भारती के अधिकारियों ने पत्र भी जारी कर दिया है। पत्र के अनुसार फिलहाल सुबह 6.30 से 6.40 बजे तक रामचरितमानस गान और शाम 6.20 से 6.30 बजे तक गीता संदेश का प्रसारण दस-दस मिनट के लिए किया जाना सुनिश्चित हुआ है।
खानापूर्ति के लिए शुरू किया दो कार्यक्रमों का प्रसारण
अखिल भारतीय आकाशवाणी केजुअल अनाउंसर एंड कंपीयर्स यूनियन के उपाध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि प्रसार भारती के अधिकारियों ने जनता और हटाए गए कर्मियों को मूर्ख बनाया है। ये निर्णय केवल खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रसार भारती के अधिकारियों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को गुमराह करके केवल दो कार्यक्रम चलवाने पर सहमति बनवा दी, जबकि आम लोगों से जुड़े एवं उन्हें जागरूक करने वाले कार्यक्रमों को शुरू ही नहीं किया गया। घर द्वार, बाल सभा, महिला मंच, युवा वाणी, वार्ताएं, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम, सुगम संगीत, गीत-गजल-भजन, हरियाणवी एवं पंजाबी लोक संगीत, हरियाणवी सांग आदि कार्यक्रम शुरू नहीं किए गए और न ही इनको लेकर पत्र में कोई जिक्र है।
केजुअल अनाउंसर बेरोजगार
इसी के चलते पिछले 10-15 वर्ष से कुरुक्षेत्र केंद्र में कार्य कर रहे अधिकांश कैजुअल अनाउंसर बेरोजगार हो चुके हैं। कंपीयर को भी घर बिठा दिया गया है। वहीं आकाशवाणी केजुअल अनाउंसर एसोसिएशन कुुरुक्षेत्र के अध्यक्ष रविंद्र एकांत तथा सचिव दीप्ति अग्रवाल ने कहा कि ऐसा इसीलिए क्योंकि यहां लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले आकाशवाणी के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसके अलावा दो रिटायर्ड कर्मचारियों को सेटिंग के तहत सर्विस पर दोबारा रखा गया है। इन्हें पेंशन भी मिलती है और वर्तमान सेलरी भी। जबकि कैजुअल जो पहले ही अर्ध बेरोजगार थे, उन्हें पूरा बेरोजगार कर दिया गया। उन्होंने मांग की है कि पिछले 25 वर्षों से सही ढंग से चल रहे कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र को यथा स्थिति चलने दिया जाए और हटाए गए कर्मियों को भी वापस बुलाया जाए।
कुरुक्षेत्र रेडियो स्टेशन एग्जीक्यूटिव का कहना
स्टेशन एग्जीक्यूटिव संजय बाली ने कहा कि पहले उनके पास स्टेशन हेड का चार्ज था, लेकिन कुछ दिन पहले ही नए स्टेशन हेड आ चुके हैं। इसलिए ज्यादा जानकारी वे ही दे पाएंगे। हालांकि बाली ने रामचरितमानस गान और गीता संदेश कार्यक्रम शुरू होने की जानकारी जरूर दी। बताया कि दोनों दस-दस मिनट के कार्यक्रम होंगे। जबकि नए स्टेशन हेड से कई बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।