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Kurukshetra News: एआई बनेगा शिक्षण और मूल्यांकन का प्रभावी सहयोगी, बैठक में मिली मंजूरी

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कुरुक्षेत्र। केयू में बैठक को संबो​धित करते कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा, साथ में कुलसचिव प्रो वीर
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कुरुक्षेत्र। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उच्च शिक्षा में शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन में व्यापक बदलाव ला रही है। भविष्य में एआई विद्यार्थियों के लिए विषय आधारित वीडियो, रील और डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार करेगा। इसी को देखते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 130वीं शैक्षणिक परिषद की मंगलवार को हुई बैठक में एआई सहित कई नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी।
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बैठक श्रीमद्भगवद्गीता सदन स्थित सीनेट हॉल में हुई। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को भी स्वीकृति मिली। नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और विभिन्न शैक्षणिक सुधारों पर भी मुहर लगी। उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने के प्रस्ताव भी स्वीकृत हुए। परिषद ने विवि द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों और उद्योगों के साथ किए समझौता ज्ञापनों को मंजूरी प्रदान की।
मंजूर किए गए समझौतों में नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन नई दिल्ली शामिल है। टीएआई इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम के साथ भी समझौता हुआ। द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) भी इसमें शामिल है। इंस्टीट्यूट फॉर स्पेशियल प्लानिंग एंड एनवायरनमेंट रिसर्च (आईएसपीईआर) के साथ भी समझौते हुए। केयू तथा मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज फरीदाबाद के बीच समझौता ज्ञापन अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया।
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इन समझौतों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण, अनुसंधान, कौशल विकास, इंटर्नशिप तथा रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। एआई से खुलेंगे कईं विकल्प, रोजगारपरक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा : प्रो सचदेवा
कुलपति सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देगी और आउटकम बेस्ड एजुकेशन (ओबीई) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विश्वविद्यालय ने रोजगारोन्मुखी अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू किए हैं। पिछले वर्ष चार कार्यक्रम शुरू हुए, विश्वविद्यालय मुंबई के बाद देश का दूसरा बना। इन कार्यक्रमों में पाठ्यक्रम का एक-तिहाई हिस्सा उद्योगों में प्रशिक्षण पर केंद्रित है। विद्यार्थियों का तीसरा वर्ष सीधे उद्योगों में कार्य अनुभव प्राप्त करने में बीतेगा। विश्वविद्यालय ने भारत सरकार के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बीओएटी) से समझौता किया है। बीओएटी अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमाह मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये हो गया है। इस वर्ष सात नए कार्यक्रम शुरू होने से कुल 11 कार्यक्रम हो जाएंगे। कई कार्यक्रमों में 50 सीटों के लिए एक हजार से अधिक आवेदन मिले हैं।
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