कुरुक्षेत्र। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह।
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कुरुक्षेत्र। मौसम परिवर्तन का असर तापमान वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है। सब्जी विशेषज्ञ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह के अनुसार फरवरी के अंतिम सप्ताह में बढ़ते तापमान का सब्जियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। तापमान में अचानक वृद्धि कई तरह की समस्याएं पैदा करती है। तापमान बढ़ने के कारण टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी फसलों में फूल जल्दी झड़ सकते हैं। इससे फलों का उत्पादन कम हो सकता है।
उन्होंने बताया कि अधिक तापमान के कारण आलू के कंदों का आकार छोटा रह सकता है। फसलें अपनी सामान्य अवधि से पहले ही पकने लगती हैं जिससे उपज कम और फल छोटे रह जाते हैं। फूलगोभी और बंदगोभी की गुणवत्ता खराब हो सकती है। वे समय से पहले ही फूल छोड़ सकती हैं। गर्म मौसम के कारण एफिड्स और अन्य रस चूसक कीड़ों का संक्रमण तेजी से बढ़ता है। यदि कद्दू वर्गीय सब्जियों (बेल वाली सब्जियां) की रोपाई देर से की है तो तेज गर्मी के कारण छोटी पौध जल सकती है। सब्जी उत्पादकों को सलाह देते हुए कहा कि फरवरी के अंत में मिट्टी की नमी तेजी से कम होती है। इसलिए सब्जियों में हल्की लेकिन नियमित सिंचाई की आवश्यकता है। जमीन की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें। रस चूसक कीटों की जांच करते रहें और आवश्यकतानुसार जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें।