मिट्टी और पानी की जानकारी देते।
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चनारथ गांव में कृषि विज्ञान केंद्र ने मिट्टी और पानी दिवस आयोजित किया। केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य योजना के तहत इस गांव का चयन किया गया। इसमेें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों से मिट्टी, पानी के स्वयं सैंपल लिए गए और इनकी जांच कर किसानों को जरूरी जानकारी दी।
खेतों की मिट्टी में जैविक कार्बन कम, फास्फोरस और पोटाश मध्यम दर्जे तक पाई गई। कई किसानों के खेतों की मिट्टी में लवणों की मात्रा ज्यादा मिली। इसके चलते किसानों को खेत में जिप्सम डालने की सलाह दी गई। इस दौरान केंद्र के प्रभारी डॉ. पी भटनागर और डॉ. जेएन भाटिया ने किसानों को बताया कि धान की फसल में एक तिहाई नप्रजन, पूरा फास्फोरस, पोटाश और जिंक तत्व रोपाई के समय और रोपाई के सात दिन तक तथा बचा हुआ दो तिहाई नप्रजन रोपाई के 21 और 42 दिन बाद दें। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि वे किटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग न करें।