कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय और कानपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता आयुष क्षेत्र में शोध, आंकड़ा विश्लेषण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से एक संयुक्त शोध एवं विकास केंद्र की स्थापना करेंगे।
इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेद, सार्वजनिक स्वास्थ्य और समेकित चिकित्सा में अनुसंधान परियोजनाएं चलेंगी। बॉयोस्टैटिसटिक्स, स्वास्थ्य सूचना विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आंकड़ा विश्लेषण भी शामिल होंगे। समझौते में प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और संकाय विकास शामिल हैं। वैज्ञानिक संसाधनों का आदान-प्रदान और संयुक्त प्रकाशन भी किए जाएंगे। शोध प्रस्ताव तैयार करने में भी सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य आंकड़ों के विश्लेषण में यंत्र अधिगम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकें उपयोग होंगी। दोनों संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध सहयोग बढ़ाएंगे। वे वित्तपोषण के अवसरों को भी बढ़ावा देंगे।
एमओयू पर हस्ताक्षर और कार्यक्रम का शुभारंभ
समझौता ज्ञापन पर इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स की ओर से आयुष शोध निदेशक जीएस तोमर ने हस्ताक्षर किए। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव कृष्ण कांत ने हस्ताक्षर किए। इससे पहले कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया। प्राचार्य आशीष मेहता और शोध एवं नवाचार निदेशक दीप्ति पराशर भी उपस्थित रहे।
आगामी कोर्स पर बोले-कुलपति
इस अवसर पर कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने बताया कि अगस्त माह से एक महीने का कोर्स आयोजित होगा। इसकी कक्षाएं ब्रह्म मुहूर्त में लगाई जाएंगी। कुलपति ने कहा कि आयुर्वेद की प्रभावशीलता वैश्विक स्तर पर स्थापित करनी है। इसके लिए अनुभवजन्य ज्ञान को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों में बदलना आवश्यक है।