कुरुक्षेत्र। अटारी बॉर्डर से लौटे हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ हरियाणवी जत्था वीजा और दस्तावेज होने के बावजूद गृह मंत्रालय से अंतिम अनुमति न मिलने के कारण लौट आया था। इस घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी बनी हुई है और अब इस नाराजगी को देखते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एचएचजीपीसी ने 16 जून को इजलास बुलाया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
21 जून को प्रस्तावित अगले जत्थे को रवाना करने की जिम्मेदारी सौंपे गए एचएसजीपीसी मेंबर हरकीरत ने बताया कि अगले जत्थे के लिए अब तक 24 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिल चुकी है, जबकि 500 से अधिक श्रद्धालुओं के आवेदन लंबित हैं। कमेटी को उम्मीद है कि सोमवार तक अधिकांश श्रद्धालुओं को अनुमति प्राप्त हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ सिरसा के वापस लौटे 34 श्रद्धालुओं के साथ कई एचएसजीपीसी मेंबरों ने गुरुद्वारा कलगिधर सिंह सभा, सब्जी मंडी में आयोजित बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई गई थी। श्रद्धालुओं ने कहा कि वीजा और दस्तावेज पूरे होने के बावजूद यात्रा की अनुमति न मिलना संगत की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि लौटे हुए श्रद्धालुओं को आगामी 21 जून के जत्थे में शामिल किया जाए।
हालांकि इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए हरकीरत ने इसे राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालुओं से बातचीत हो चुकी है और लौटे हुए श्रद्धालुओं को हर हाल में 21 जून के जत्थे के साथ भेजा जाएगा, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिरसा में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण कुछ को नवंबर में भेजने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जबकि सभी जिलों के श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से यात्रा पर भेजा जाएगा।
इजलास में बजट व मीरी पीरी संस्थान का मुद्दा उठने की संभावना
16 जून को होने वाले इजलास में श्रद्धालु यात्रा व्यवस्था के साथ-साथ बजट और मीरी पीरी संस्थान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। संस्थान से जुड़े चिकित्सक और कर्मचारी लंबे समय से वेतन न मिलने को लेकर नाराज हैं और इस मुद्दे को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया जा सकता है। हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद संस्थान प्रमुख द्वारा जल्द वेतन जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है। ऐसे में इजलास में इस विषय पर कोई ठोस निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कमेटी के गठन के बाद अब तक कमेटी अपना बजट तक पेश नहीं कर पाई है, जिससे गुरुघरों में सेवा कार्य बाधित हो रहा है। ऐसे में अब इजलास में बजट बैठक बुलाने के लिए भी कोई निर्णय लिया जा सकता है।