कुरुक्षेत्र। शहर के बीच से गुजर रही करीब 110 साल पुरानी रेलवे लाइन अब इतिहास बनने की ओर है। 5.84 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के शुरू होने के बाद इसे हटाने का काम शुरू हो गया है। इससे पुराना बस स्टैंड से थर्ड गेट होते हुए मिर्जापुर तक करीब 75 एकड़ जमीन खाली होगी।
रेलवे की बिजली लाइन और पुराने फाटक पहले ही हटाए जा चुके हैं। अब पटरी उखाड़ने का काम शुरू किया गया है। रविवार को झांसा रोड की तरफ जाने वाले रास्ते को चार घंटे बंद रखकर यह काम हुआ। पुरानी पटरी हटने के बाद प्रशासन सड़क का स्तर नीचे करेगा। इसे नए स्तर पर तैयार किया जाएगा। इससे झांसा रोड, अंबेडकर चौक और शास्त्री मार्केट के फाटकों वाले रास्तों से भारी वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकेगी। एलिवेटेड ट्रैक शुरू होने पर पुराने फाटकों पर ट्रेनों की आवाजाही बंद हुई। सड़क का स्तर ऊंचा होने से भारी वाहन अभी भी नहीं निकल पा रहे थे। झांसा रोड जाने वाली बसों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। इससे शेख चेहली मकबरे के आसपास यातायात का दबाव बढ़ता था। पुरानी पटरी हटने से भारी वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा।
75 एकड़ जमीन पर पार्किंग और पार्क बनाने की तैयारी
पुरानी रेलवे लाइन हटने के बाद खाली होने वाली करीब 75 एकड़ जमीन को शहर के विकास में इस्तेमाल करने की तैयारी है। सरकारी स्तर पर जमीन नगर परिषद को ट्रांसफर या लीज पर देने की योजना पर काम किया जा रहा है। नगर परिषद की ओर से इस जमीन पर आधुनिक पार्क, पार्किंग, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक समेत अन्य जनसुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने रेलवे के साथ संपर्क शुरू कर दिया है। स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की ओर से भी अधिकारियों को जमीन का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
110 साल पहले शहर के बाहर थी, अब बीच से गुजरती थी लाइन
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन करीब 110 साल पुरानी है। वर्ष 1916 में जब यह लाइन बिछाई गई थी, तब यह शहर के बाहरी हिस्से से होकर गुजरती थी। समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और रेलवे लाइन शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच आ गई। अब एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनने के बाद पुरानी लाइन की जमीन को शहर के विकास के लिए इस्तेमाल करने का रास्ता साफ हुआ है।
कुरुक्षेत्र। रेलवे लाइन हटाने के दौरान बाइक निकालता हुआ युवक। संवाद