कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग मां का जर्मनी से आकर संस्कार करते हुए बेट
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कुरुक्षेत्र। जर्मनी में रहने वाली एक बेटी श्रुति विदेश में रहकर भी अपने संस्कारों को नहीं भूली। प्रेरणा वृद्धाश्रम में रह रही अपनी मां के देहांत के उपरांत जर्मनी से आकर अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से किया।
प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक व संचालक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने बताया कि आज समाज में युवा अपने संस्कारों को भूलते जा रहे हैं और माता-पिता की सेवा तो दूर उनके पास अंतिम संस्कार करने का भी समय नहीं है। ऐसे में जब श्रुति विदेश से यहां आकर अपने मां-बाप को संभालती हैं तो यह बड़ा संदेश है।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले भी श्रुति अपनी माता के साथ प्रेरणा वृद्धाश्रम में जर्मनी से बुजुर्गों के साथ समय बिता कर गई थी। श्यामा मल्होत्रा की बेटी श्रुति वैजल जो जर्मनी में रहती है, जब उसकी माता की बाजू में फ्रैक्चर हुआ तो वह दो महीने की छुट्टियां लेकर अपनी मां की सेवा करने आई।
गत दिवस जब उनकी माता का देहांत हुआ तो श्रुति संस्कार करने के लिए अपने बेटे के साथ जर्मनी से आई है। हालांकि उनके परिवार के और भी सदस्य कुरुक्षेत्र में ही रहते हैं। बुजुर्ग माता श्याम मल्होत्रा का अंतिम संस्कार भारतीय रीति रिवाज और परंपराओं के अनुसार विधि विधान से उनकी बेटी श्रुति ने अपने बेटे की हाथों मुखाग्नि दिलवा कर संपन्न कराया।
कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग मां का जर्मनी से आकर संस्कार करते हुए बेट- फोटो : Archive