केयू में पढ़ाई कर रहे होस्टल में रहने वाले छात्रों की सुविधा के लिए बनाई सेंट्रल पार्किंग शुरू हो गई है।
हालांकि इस पार्किंग को छात्रों की सुविधा के लिए शुरू किया गया है, लेकिन परीक्षा और गर्मी के कारण यही पार्किंग उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है।
केयू प्रशासन ने हॉस्टलों में होने वाली मारपीट आदि की आए दिन होने वाली वारदातों को रोकने के लिए वाहनों की पार्किंग होस्टलों से दूर बनाने के लिए योजना बनाई थी।
इस योजना के तहत सेंट्रल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया और इस प्रस्ताव के तहत यूनिवर्सिटी मार्केट के पास लाखों रुपये की लागत से सेंट्रल पार्किंग बनाई गई। यह पार्किंग वर्ष 2011 में बनकर तैयार हो गई थी।
लेकिन, उसी समय से पार्किंग प्रयोग में नहीं आ रही थी। इसका बड़ा कारण था कि पार्किंग कई अन्य हॉस्टलों से काफी दूर बनाई गई, जिससे छात्रों ने इसकी ओर रुझान नहीं दिखाया। इससे यह पार्किंग काफी समय से वीरान ही पड़ी रही।
इन हॉस्टलों से काफी दूर है पार्किंग
केयू के टैगोर हॉस्टल, हर्ष भवन, विवेकानंद भवन में रह रहे छात्रों के लिए सेंट्रल पार्किंग काफी दूर हैं। इन हास्टलों में रहने वाले छात्रों को ओर हॉस्टलों के मुकाबले ज्यादा चलना पड़ता है जिसका खामियाजा उन्हें परीक्षा के दौर में समय की बर्बादी और जून माह की भीष्ण गर्मी को सहना भी है।
पहले शुरू हुआ था टोकन सिस्टम, लेकिन अब बंद
करीब 4 वर्ष पहले इस सेंट्रल पार्किंग में स्टूडेंट वाहनों के लिए टोकन सिस्टम शुरू हुुआ था, लेकिन अब वो बंद है। टोकन सिस्टम के शुरू होने से सेंट्रल पार्किंग में खड़े का चोरी होना कम हो गया था।
क्या कहना है चीफ वार्डन का
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के चीफ वार्डन प्रोफेसर सीपी सिंह ने बताया कि उन्होंने केयू में सैंट्रल पार्किंग का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है,जिसमें केयू ब्वॉयज हॉस्टल के छात्र अपने-अपने वाहनों का चीफ वार्डन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करने के बाद पार्किंग में खड़ा कर सकते है।
उनके अनुसार केयू हॉस्टलों में आए-दिन होने वाली वारदातों को रोकने के लिए ही केयू प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।