कुरुक्षेत्र। बच्ची को जन्म देने के पांच घंटे बाद एक निजी अस्पताल में हुई एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर बवाल मचाया। इस दौरान उन्होंने निजी क्लीनिक संचालिका पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया और पुलिस को शिकायत दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने फिलहाल 174 के तहत कार्रवाई की है और अब उसे विसरा रिपोर्ट आने का इंतजार है।
गांधी नगर निवासी अतर सिंह व कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके भाई दुनीचंद की पुत्री बबीता का विवाह करनाल निवासी रिंकू के साथ हुआ था। वह पिछले कुछ दिनों से अपने मायके गांधी नगर आई हुई थी। मंगलवार को अचानक बबीता को प्रसव पीड़ा हुई और परिजन उसे झांसा रोड गुरुद्वारा पटा साहिब के निकट डा. उमा गौड़ के निजी क्लीनिक में ले गए। यहां पर बबीता ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन बाद में अचानक उसे ब्लीडिंग होने लगी। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान बबीता दर्द से कराहती रही और डॉ. उमा गौड़ उसे एक के बाद एक मेडिसन तथा इंजेक्शन लगाती रही। जब ब्लीडिंग नहीं रूकी, तो डॉ. उमा गौड़ ने उनसे बबीता को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा। जब वे अपनी भतीजी को लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉ. गौड़ की लापरवाही से बबीता की मौत हुई है। इससे पहले जब परिजन बबीता को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे और उन्हें उसकी मौत का पता तो परिजनों ने निजी क्लीनिक संचालिका के खिलाफ जमकर बवाल काटते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। इस दौरान महिला का पोस्टमार्टम भी तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। इस पैनल में सिविल अस्पताल के डॉ. जगबीर सिंधू, डॉ. विवेक अग्रवाल व डॉ. नेहा शामिल थी।
बॉक्स
विसरा रिपोर्ट आने पर पता चलेगा सच्चाई का : डा. सिंधू
पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल डॉ. जगबीर सिंह सिंधू ने कहा कि विसरा रिपोर्ट आने पर सच्चाई का पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम तो कर दिया गया है और विसरा रिपोर्ट आने का इंतजार है। जैसे ही रोहतक पीजीआई से विसरा रिपोर्ट आएगी, तभी महिला की मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
बॉक्स
फिलहाल 174 की हुई कार्रावाई : चौकी प्रभारी
कृष्ण गेट चौकी प्रभारी गुलाब सिंह ने बताया कि फिलहाल 174 के तहत कार्रवाई की गई है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई का पता चल पाएगा। रिपोर्ट के बाद कानून अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में महिला के पिता दुनीचंद ने शिकायत दी है, लेकिन अगला कदम रिपोर्ट आने के पश्चात ही उठाया जाएगा।
बॉक्स
नॉरमल डिलीवरी हुई थी, बाद में हुई दिक्कत : गौड़
निजी क्लीनिक संचालिका डॉ. उमा गौड़ ने बताया कि बबीता का केस नॉर्मल डिलीवरी का था, लेकिन बच्ची को जन्म देने के बाद अचानक उसे ब्लीडिंग होने लगी। उन्होंने इसे रोकने के लिए मेडिसन व इंजेक्शन भी दिए। जब ब्लीडिंग नहीं रूकी, तो उन्होंने परिजनों को उसे सिग्नस अस्पताल में ले जाने को कहा। इसके बाद परिजन आर्थिक रूप से कमजोर होने की बात कहते हुए उसे सिविल अस्पताल ले गए। दुर्भाग्यवश इसी दौरान बबीता की मौत हो गई।