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Kurukshetra News: सीए बनने के बाद महाराष्ट्र से हरियाणा में नौकरी की तलाश में आया था सागर

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शाहाबाद। गांव रतनगढ़ के पास चार अप्रैल को एक निर्माणाधीन ढाबे के भवन में मिले शव की पहचान हो गई है। शव महाराष्ट से 22 वर्षीय सागर का था, जो सीए बनने के बाद छह मार्च को घर से नौकरी की तलाश में निकला था। महाराष्ट से शाहाबाद पहुंचे मृतक सागर के पिता मनीष कुमार व बड़े भाई नवीन ने बताया कि वह महाराष्ट्र की कौल डोगरी अंधेरीपुर में फ्रूट का ठेला लगाते है। सीए बनने के बाद सागर नौकरी की तलाश में छह मार्च को घर से निकला था। दो अप्रैल रविवार के दिन सागर ने अपनी माता मंजू से मोबाइल पर बातचीत करते हुए बताया कि चार अप्रैल तक उसे हरियाणा में नौकरी मिल जाएगी। उसके बाद बात नहीं हुई और अब उन्हें पता चला है कि सागर की हत्या हो गई है। यह कैसे हुई, वे समझ नहीं पाए हैं।
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सागर का शव चार अप्रैल को शाहाबाद के गांव रतनगढ़ के पास एक निर्माणाधीन ढाबे के भवन में मिला था। जिसके बाद 72 घंटे इंतजार करने के बाद जब शव की शनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। महाराष्ट्र में सागर का फ़ोन बंद आने के बाद पिता को किसी अनहोनी का शक हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र के थाने में सागर के गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। इस दौरान सागर अपने पिता के नाम से रजिस्टर्ड सिम अपने मोबाईल में चला रहा था, लेकिन जब उसकी हत्या हुई तो हत्यारों ने वह मोबाईल बंद कर दिया। जिस पर सागर के पिता को शक हुआ और उन्होंने नया सिम निकलवाया। जिस पर महाराष्ट्र पुलिस सिम के सहारे शाहाबाद तक पहुंची और युवक की हत्या का राज खुल गया।

परिवार को युवक की अस्थियां भी नहीं मिली
काफी दिनों तक युवक की पहचान न होने के कारण हेल्पर्स की ओर से मृतक का संस्कार कर दिया गया था और हैल्पर्स ने अस्थियां गंगा जी में प्रवाहित कर दी थी। अनुसार मृतक के परिजनों ने पुलिस से सूचना प्राप्त करके लावारिसों का संस्कार करवाने वाली हैल्पर्स संस्था से संपर्क किया। हैल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मृतक युवक का संस्कार कराकर दर्जनों लावारिस शवों के फूलों को सोसायटी के नियमानुसार गंगा जी में प्रवाहित कर दिया है।
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परिवारजन बोले, हत्यारे को दी जाए फांसी
सागर के पिता मनीष ने कहा कि उन्होंने बड़ी मेहनत के साथ सागर को सीए बनाया था। उसका बेटा सागर हर परीक्षा में अव्वल आता था और उसने 86 प्रतिशत अंकों के साथ बी कॉम की कक्षा उत्त्रिण की थी। उन्होंने कहा कि हमारी देश की न्यायपालिका और जिला कुरुक्षेत्र के पुलिस प्रशासन से मांग है कि उनके बेटे सागर के हत्यारोपियों को फांसी या आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए, ताकि उनके बेटे और उन्हें इंसाफ मिल सके। उधर हुडा इंचार्ज महिपाल ने बताया कि पुलिस को कातिलों के कई पुख्ता सबूत हासिल हुए है, पुलिस जल्द ही कातिलों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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