नीमवाला स्थित एक राइस मिल में लगाए गए धान के स्टॉक में गड़बड़ी को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया। विभाग के एफएसओ जसबीर सिंह व इंस्पेक्टर रिंकू को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले सस्पेंड होने वाले इंस्पेक्टर की शिकायत पर ही एक अन्य राइस मिल के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था। अब कार्रवाई से विभाग में खलबली मची हुई है। वहीं, अब सस्पेंड किए गए दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने व उन्हें नौकरी से पूरी तरह हटाए जाने के अलावा मामले की और भी गहनता से जांच की मांग भाकियू ने उठाई है। इसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य एवं पूर्ति मंत्री राजेश नागर से मुलाकात भी की।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पीवी के दौरान स्टॉक में 24,318.75 क्विंटल धान कम मिला था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.81 लाख थी। पिछले सीजन में विभाग की ओर से चौधरी राइस मिल को कस्टम मिलिंग के लिए करीब 39 हजार क्विंटल धान दिया था। सीएमआर की आपूर्ति मिलर को भारतीय खाद्य निगम को करनी थी। 25 नवंबर को विभागीय टीम ने मिल की फिजीकल वैरिफिकेशन की थी। उस समय रिकॉर्ड और स्टॉक में कोई कमी नहीं पाई गई थी लेकिन इसी वर्ष 17 मार्च को डीएफएससी कार्यालय के निर्देश पर एएफएसओ शाहाबाद राजीव सैनी और आईएफएस गौरव अरोड़ा की टीम ने दोबारा जांच की तो करीब 24 हजार क्विंटल धान कम मिला।