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प्रशासनिक व उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते बारिश में भीगा करोड़ों का गेहूं

Sun, 23 Apr 2017 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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भीगा करोड़ों का गेहूं - फोटो : Amar Ujala
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आखिरकार वही हुआ, जिसका पिछले कई दिनों से डर था। प्रशासनिक और उठान एजेंसियों की लापरवाही के चलते नई अनाज मंडी में करोड़ों रूपये का गेहूं बारिश में भीग गया। गेहूं के कट्टों के नीचे भी पानी फैल गया। हालांकि कुछ गेहूं के कट्टों केे लगे टैग व खुली गेहूं को ढांपने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी असफल रहा।  शनिवार को भी मंडी में करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे थे। जहां अल सुबह करीब चार बजे हल्की बारिश हुई तो वहीं दिन में भी दोपहर बाद फिर हल्की बारिश हुई। रात के समय जहां गेहूं को ढांप भी नहीं पाए वहीं दोपहर को कुछ गेहूं ढकने का भी प्रयास किया, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अधिकतर गेहूं बारिश में भीग गया।
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हल्की बारिश में भी गेहूं भीगने से भारी नुकसान बताया जा रहा है, लेकिन रविवार व सोमवार को भी मौसम बारिश का रहने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में यहां और भी नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि उठान कार्य में ढिलाई को लेकर जहां सीजन शुरू होने से लेकर अब तक आढ़ती व किसान भारी परेशानी झेलते रहे वहीं अधिकारियों को भी उठान कार्य में तेजी लाए जाने की गुहार लगाई जाती रही। इसी सप्ताह प्रशासन की ओर से उठान में तेजी लाने व कथित नजराने पर अंकुश लगाने केे चलते टोकन सिस्टम भी शुरू किया गया। हालांकि अनेकों गाड़ियां टोकन से तो वहीं स्पेशल भी लगने से हर रोज करीब एक लाख कट्टे उठाए जा रहे है, लेकिन अधिक मात्रा में गेहूं जमा होने के चलते अभी भी करीब साढ़े तीन लाख कट्टे उठान की बाट जोह रहे है।

पहले ही जता चुके थे संभावना : बलविंद्र
अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान बलविंद्र सिंह का कहना है कि तीनों यूनियन पहले ही अधिकारियों को उठान ढीला होने को लेकर अवगत करवा चुकी है। इस दौरान संभावना भी जताई गई थी कि बारिश हुई तो भी भारी नुकसान हो सकता है, इसके बावजूद भी अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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ठेकेदार और एजेंसियां अनाज को नहीं उठवा रही: जगतार
आढ़ती जगतार सिंह काजल का कहना है कि किसानों की गेहूं की खरीद तो हो चूकी है, लेकिन ठेकेदार व एजेंसियां अनाज को नहीं उठवा रही है। जिसके कारण आढ़तियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जल्द से मंडी में पड़े गेहूं के लाखों कट्टों  उठवाया जाए।

मंडी से गेहूं को उठाना एजेंसी का काम है: सचिव
मार्केट कमेटी सचिव राहुल मिओ का कहना है कि वैसे तो मंडी से गेहूं को उठाना एजेंसी का काम है। मार्केट कमेटी का काम सिर्फ खरीद करवाना है,  लेकिन फिर भी एजैंसी को सूचना दे दी गई है जल्द की अनाज को उठवाया जाएगा।

2 एमएम हुई बारिश, मौसम हुआ सुहाना      
जिले में शनिवार को हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहाना हुआ। जिससे पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिल पाई। पूरे जिला भर में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिसमें थानेसर में सबसे अधिक तो वहीं पिहोवा, बाबैन और लाडवा में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। थानेसर में अल सुबह करीब 3 बजे भी तेज हवाओं के साथ एक एमएम बारिश हुई तो वहीं शनिवार दोपहर करीब दो बजे भी तेज हवाओं के साथ ही बूंदाबांदी हुई। वहीं रविवार को भी बूंदाबांदी होने की संभावना जताई जा रही है। बूंदाबांदी से जहां पिछेती गेहूं की कटाई रुक कई है वहीं कई दिनों से भूसा बनाने का तेजी से चल रहा कार्य भी थम गया है।
                
468387 क्विंटल गेहूं का ही हो पाया उठान
इस्माईलाबाद। शनिवार दोपहर को हुई बरसात से जहां आमजन को लगातार बढ़ रही गर्मी से राहत मिली। वहीं गेहूं उठान में देरी के चलते बूंदाबांदी सेे मंडी में सरकार द्वारा खरीदा गया हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। 21 अप्रैल तक सरकार ने अनाज मंडी से 928685 क्विंटल गेहूं खरीदा गया, जिसमें से केेवल 468387 क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है। बाकी का गेहूं आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। अगर बरसात अधिक हुई तो सरकार का करोड़ों रुपये का गेहूं खराब हो सकता है। हल्की बूंदाबांदी से गेहूं पछेती गेहूं की कटाई का कार्य भी रुक गया। किसान निर्मल सिंह, संजीव कुमार, प्रदीप आदि ने बताया कि उन्होंने आलू की फसल के बाद पछेती गेहूं की बिजाई की थी। इस समय फसल पक कर तैयार है, लेकिन बरसात के चलते गेहूं कटाई का कार्य रुक गया है। किसानों ने बताया कि इसके अलावा जिन किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई कर ली थी तथा तूड़ी बनाने का कार्य कर रहे थे बरसात के कारण उनका भी काम रुक गया जिससे किसानों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं बरसात से अनाजमंडी में बिकवाली के लिए गेहूं लेकर आए किसानों का अनाज भीग जाने से उन्हें नुकसान हुआ।       

लिफ्टिंग ने गेहूं को बरसात में भीगने से बचाया       
लाडवा। अनाजमंडी में गेहूं के सीजन में सरकारी एजेंसियों की ओर से खरीदी गई गेहूं की समय पर हुई लिफ्टिंग ने करोड़ों का नुकसान होने से बचा लिया। शनिवार तड़के चार बजे कुछ मिनट तक तेज बरसात हुई थी जिससे अनाजमंडी में पडे़ करीब तीन-चार सौ  कट्टे गेहूं भीग गया। वहीं बरसात से खेतों में भी गेहूं कटी पड़ी या कटाई के इंतजार में खड़ी गेहूं की फसल भीग गई। जिन किसानों की गेहूं खेतों में पड़ी है, उनके माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है, लेकिन सुबह मौसम खुल जाने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने गेहूूं निकालने और भूसे को कूपों में बांधने का काम तेज कर दिया, ताकि खराब मौसम के कारण उनका कम से कम नुकसान हो। उधर सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गए गेहूं के कट्टों का लगभग 90 फीसदी लदान होने व मंडी में गेहूं की आवक टूट जाने से अनाजमंडी में करीब बीस हजार कट्टे पडे़ हुए हैं जिनमें से अधिकतर शेड में पडे़ हैं। दुकानों के आगे खुले आसमान के नीचे प्लेटफामों पर दो-तीन हजार कट्टे ही पडे़ हैं, जिन्हें मौसम खराब होने के अंदेशे से आढ़तियों ने रात में ही ढकवा दिया था। मार्केट कमेटी सचिव जसबीर सिंह ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद के सरकार द्वारा किए गए पुख्ता प्रबंधों और आढ़ती एसोसिएशन के सहयोग से लाडवा अनाजमंडी में पूरे सीजन के दौरान एक दिन भी जाम की स्थिति नहीं आई।
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