इनेलो के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एक गुप्त बैठक की। इस बैठक से पार्टी में बगावत की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि बैठक में शामिल हुए नेता मंगलवार को कोई बड़ा खुलासा कर सकते हैं।
त्यागपत्रों पर किए गए हस्ताक्षर
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सीधा निशाने पर चौटाला परिवार रहा। कुछ प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने आक्रामक होकर मौके पर ही प्राथमिक सदस्यता और पदों से त्यागपत्र देने के लिए हस्ताक्षर तक कर डाले। आग बबूला हुए इन पदाधिकारियों ने इनेलो के कुछ अन्य नेताओं से फोन पर बात कर पार्टी छोड़ने के लिए समर्थन मांगा। बैठक में इनेलो के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, जिला के पदाधिकारियों के अलावा इनेलो की पृष्ठभूमि के कुछ नगर पार्षद भी मौजूद रहे। वैसे इनेलो में बिखराव पनपते असंतोष के पीछे बड़ा कारण करीब सवा दशक से पार्टी का सत्ता से बाहर बैठना भी माना जा रहा है।
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा अपने अधिकांश भाषण में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अक्सर उन परिंदों की कहानी सुनाते रहे हैं, जो पेड़ में आग लगने पर उड़ने की बजाए प्रचंड लपटों में ही भस्म होने का निर्णय लेते हैं। अब रोचक पहलु यह कि कुरुक्षेत्र में हुई बैठक में इनेलो के पर फड़फड़ाते नजर आए। अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये मंगलवार को कोई नयी उड़ान भर सकते हैं।
पार्टी के दोहरे चरित्र को लेकर नाराजगी : प्रदेश सचिव
कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी के दोहरे चरित्र को लेकर नाराजगी है और मूलरूप से कि बात पर खफा है इस बात का खुलासा मंगलवार को मीडिया के सामने किया जाएगा। बैठक के दौरान 6 नगर पार्षद और कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
- नितिन भारद्वाज, प्रदेश सचिव इनेलो