संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। इंग्लैंड भेजने के नाम पर 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में संदीप सिंह वासी गांव सैनी माजरा ने बताया कि 2019 में वह बेरोजगार होने के कारण विदेश जाना चाहता था। संदीप वासी कैथल हाल निवासी अंबाला ने उसका इंग्लैंड के लिए स्टडी वीजा बारे आवेदन किया था। किसी कारण से उसका वीजा नहीं लग सका तो संदीप के कार्यालय में सिद्धार्थ वासी सरस्वती कॉलोनी सिंगावाला रोड अंबाला ने उसे मर्चेंट नेवी के माध्यम से इंग्लैंड भेजने का आश्वासन दिया था। सिद्धार्थ ने उसे एक खाता नंबर दिया तथा कहा कि उसने उसके नाम से ग्रामीण बैंक कुरुक्षेत्र में यह खाता खुलवाया है। सिद्धार्थ ने इंग्लैंड भेजने के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग की थी।
उसने अपनी 10वीं व 12वीं की मार्कशीट और पासपोर्ट सिद्धार्थ को दे दिए। इसके बाद सिद्धार्थ ने कहा कि बैंक खाते में पैसे दिखाने पड़ेंगे उसने सिद्धार्थ के कहने पर 30 मार्च 2021 को एक चेक आठ लाख 54 हजार 600 रुपये का चेक सिद्धार्थ को दिया, जो उसके पिता के बैंक खाता का था। अगले ही दिन सिद्धार्थ ने फोन कर कहा कि बैंक खाते में पैसे कम है और पांच लाख 51 हजार 400 रुपये और खाते में डलवाने होंगे। उसके बाद उन्होंने खाते में पैसे जमा करवा दिए। करीब एक सप्ताह बाद सिद्धार्थ ने फोन पर कहा कि खाते में करीब दो लाख रुपये और डलवाने पड़ेंगे। उन्होंने 2 लाख रुपये भी जमा करवा दिए।
इसके बाद 24 मई 2021 को सिद्धार्थ ने मैसेज कर सूचना दी कि इंग्लैंड का वीजा लग गया है उसने मोबाइल पर इंग्लैंड जाने की टिकट भी भेजी और 19 जून को फ्लाइट होने की बात कही। 19 जून को सिद्धार्थ उसके घर पर आया और उसे अंबाला ले गया। वहां पर दो दिन रखने के बाद उसे दिल्ली लेकर गया। वहां पर उसने कहा कि उसकी फ्लाइट और टिकट रद्द हो गई है। इस उसने सिद्धार्थ से अपने पैसे वापस या विदेश भेजने को कहा था।
उसने जल्दी ही सारे पैसे वापस करने का आश्वासन दिया तथा आठ-आठ लाख रुपये के दो चेक दिए, जो बैंक से बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद वह सिद्धार्थ से मिला तो सिद्धार्थ ने 35 हजार रुपये गुगल पे किए। फरवरी 2022 को वह अपने पिता व गांव के कुछ लोगों के साथ सिद्धार्थ के घर पर गए थे। वहां पर सिद्धार्थ के पिता मिला उसने आश्वासन उनके पैसे 31 मार्च 2022 तक दे देंगे, लेकिन 30 मार्च के बाद सिद्धार्थ का फोन बंद है और उसके पिता ने भी पैसे देने से मना कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।