एबीवीपी की सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान वीआईपी गाड़ियों पर लगी लाल, नारंगी और नीली बत्तियां मौजूदा सरकार में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले होने का इशारा करती नजर आई। एबीवीपी भले किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू न होने की बात करती है, मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि हरियाणा में भाजपा के हाथ सत्ता की बागडोर आते ही एबीवीपी के कई पूर्णकालिक कार्यकर्ता अब वीआईपी मोड पर आ चुके हैं।
रविवार को कुरुक्षेत्र के विद्या भारती में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान एबीवीवी ने कार्यकर्ता स्नेह मिलन भी आयोजित किया गया, जिसमें एबीवीपी के कई पूर्व पूर्णकालिक कार्यकर्ता लाल, नारंगी और नीली बत्ती लगी गाड़ियों में यहां पहुंचे थे। इनमें एमडीयू के रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज (पूर्व संगठन मंत्री), इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर के रजिस्ट्रार मदन गोयल (पूर्व प्रांत प्रमुख ), किसान आयोग के चेयरमैन रमेश यादव (एबीवीपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे), आयुष विभाग के निदेशक डा. बलदेव धीमान (कुरुक्षेत्र में एबीवीपी के पूर्णकालिक रहे), हरियाणा कला परिषद के मुख्य सलाहकार महेश जोशी (पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री रहे), पानीपत ग्रामीण के विधायक महिपाल ढांडा (एबीवीपी के पूर्व प्रदेश सह मंत्री रहे), भाजपा के हरियाणा के संगठन मंत्री सुरेश भट्ट (एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री रहे ), जबकि सहकारिता एवं समाज कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण बेदी भी (एबीवीपी में सक्रिय रहे हैं और बेदी के पुत्र भी एबीवीपी के नगर मंत्री रह चुके हैं। यहां खास बात ये भी है कि इस कार्यक्रम में केयू के कुलपति डा. कैलाश चंद्र शर्मा भले शामिल तो नहीं हुए, मगर पूर्व में वे भी एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। बेशक एबीवीपी के उक्त कार्यकर्ताओं को ये ओहदे उनकी योग्यताओं के बल पर मिले, मगर इन पदों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका उस संघर्ष की है, जो अपने कार्यकाल में इन्होंने संगठन के लिये किया।
25 हजार नए विस्तारक तैयार करने का फैसला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दो दिवसीय केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में इस साल देशभर में 25 हजार विस्तारक तैयार करने का फैसला लिया है। ये विस्तार एक साल में दो लाख परिवारों से संपर्क साधेंगे। वहीं एबीवीपी संविधान निर्माण डा.भीमराव अंबेडकर के 125 वें जयंती वर्ष के दौरान देशभर में समरसता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कुरुक्षेत्र विद्यार्थी भारती संस्कृति संस्थानम में आयोजित एबीवीपी की दो दिवसीय केंद्रीय समिति की बैठक में देश के सभी राज्यों में सक्रिय पदाधिकारी शामिल हुए थे। रविवार को देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में कार्य विस्तार के संकल्प के साथ यह बैठक संपन्न हो गई।
नए प्रयोगों के नाम रही एबीवीपी की सीडब्ल्यूसी की बैठक
कुरुक्षेत्र भवन में संपन्न बैठक में नए प्रयोगों के नाम रही। संगठनात्मक ढंग से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ नए प्रयोग हुए। सीडब्ल्यूसी की बैठक में विद्यार्थी परिषद की टाप लीडरशिप के साथ कार्यकर्ता मौजूद रहे, लेकिन मंच पर बात कहने के साथ-साथ कार्यकर्ता ट्वीट, आइडिया बाक्स, फीडबैक बाक्स के माध्यम से भी अपने बात रखते रहे। बैठक में आए लगभग 130 पदाधिकारियों में से अधिकतर ने इन नए उपक्रमों में बखूबी भाग लिया। ट्वीट में जहां राष्ट्र विरोधी संगठनों के प्रति प्रतिक्रिया की भरमार रही। वहीं देश के शैक्षणिक परिदृश्य पर भी अनेक विचार आए। खास बात यह रही कि एक बैनर पर परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री से लेकर कार्यकारी परिषद के सदस्य तक ने अपने हाथ अपनी प्रिय पुस्तक का नाम सहित उल्लेख किया। किस पुस्तक ने उन्हें प्रेरित किया और अन्य को भी ये पुस्तकें क्यों पढ़नी चाहिए, इसका भी बैनर जिक्र किया गया।
30 लाख नए सदस्य बनाने का फैसला
सामाजिक दर्शन व अनुभूति कार्यक्रम के तहत 25 हजार विस्तारक तैयार करने का निर्णय हुआ। ये विस्तार 15 दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों में रह कर लोगों से संपर्क साधेंगे। वहीं दो लाख परिवार तक पहुंचने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। गत वर्ष 17 हजार विस्तार करीब एक लाख परिवारों तक पहुंचे थे। संगठनात्मक विस्तार के लिए भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हर जिला मुख्यालय तक परिषद का संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने, 30 लाख से अधिक नये सदस्य बनाने का भी फैसला उक्त बैठक में हुआ है।
मीडिया से दूरी, संभित पात्रा, बराला, बेदी भी पहुंचे
बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास, केएल रघुनंदन, जी. लक्ष्मण, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीके शाही, प्रशांत राऊत, छगनभाई पटेल, उमा श्रीवास्तव, राष्ट्रीय मंत्री सिमांत दास, मोनिका चौधरी, आलोक पांडेय, रोहिन राय, संजय खुशराम, किशोर बर्मन, राष्ट्रीय छात्रा प्रमुख ममता यादव, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी साकेत बहुगुणा सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संभित पात्रा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, मंत्री कृष्ण बेदी व विधायक सुभाष सुधा भी एबीवीपी नेताओं टी ब्रेक के दौरान मिले।