दिल्ली कूच करने से ऐन पहले अशोक अरोड़ा को कुरुक्षेत्र में 14 सितंबर को होने वाली इनेलो की एक अहम बैठक में शामिल होने का न्योता मिला। फोन पर उन्हें यह निमंत्रण दे रहे थे, इनेलो किसान विंग के प्रदेश संयोजक सरदार बूटा सिंह। उन्होंने अरोड़ा से फोन पर संपर्क कर पूछा प्रधानजी 14 अभय चौटाला कुरुक्षेत्र में बैठक लेंगे आ रहे हो क्या ? बता दें कि 25 सितंबर को होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती से पहले अभय चौटाला प्रदेशभर में बैठकें कर रहे हैं। ऐसी ही एक बैठक कुरुक्षेत्र में 14 सितंबर को होगी, मगर इनेलो के इतिहास में यह पहली बार होगा,जब कुरुक्षेत्र में अशोक अरोड़ा के बिना कोई महत्वपूर्ण बैठक होगी। दरअसल,पिछले तीन दिनों से अशोक अरोड़ा के आवास पर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। रोजाना उनसे यह पूछने वालों की भीड़ यहां दिखाई देती है कि उनके नेता किस पार्टी का दामन पकड़ विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। यह समर्थक भी जानते हैं कि थानेसर के बाद पिपली पहुंचकर जीटीरोड से उनके लिये दो रास्ते निकलते हैं,एक दिल्ली की ओर तो दूसरा चंडीगढ़। अरोड़ा ने बताया कि वीरवार को उनके पास कांग्रेस की आफर के लिये पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का भी फोन आया, वहीं भाजपा के एक कद्दावर मंत्री ने भी उनसे संपर्क साधा। खास बात यह है कि भाजपा के मंत्री के फोन से जो बात सामने आई वो थोड़े इंतजार की थी,जबकि कांग्रेस के लिये उन्हें झटपट में मसौदा तय करने का आफर था। यानी भाजपा के इंतजार में अरोड़ा चुनावी रथ को खड़ा रखने के मूड में नहीं है,जबकि माना जा रहा है कि बाद दुपहर उनकी गाड़ी ने थानेसर से पिपली जीटीरोड पहुंच कर चंडीगढ़ की बजाये दिल्ली की ओर सरपट रफ्तार पकड़ी। पता चला है कि शुक्रवार को वे दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दरबार में कांग्रेस के हाथ के साथ दिख सकते हैं।
और कह गये गाड़ियां तैयार रखना
दिल्ली कूच करने से पहले अशोक अरोड़ा ने अपने समर्थकों से बातचीत की और चुनाव के लिये तैयार रहने को भी कहा। हालांकि तमाम तरह की चर्चाओं के बाद उन्होंने जाने से कुछ घंटे पहले अपने समर्थकों से गाड़ियां तैयार रखने को भी कहा। संभवत ये गाड़ियां इसलिये तैयार कराई गई हैं,ताकि नये राजनीतिक दल में शामिल होने से पहले उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में वहां एकत्रित हों।
अरोड़ा बोले केवल थानेसर ही चुनाव लडू़ंगा
अशोक अरोड़ा ने कहा कि उन्हें किसी दूसरे हलके से चुनाव लड़ने के आफर मिले,मगर कुरुक्षेत्र की थानेसर विधानसभा सीट ने उन्हें चार बार विधानसभा में भेजा। इस सीट से उनका परिवार का नाता है और परिवार को छोड़ कर दूसरी सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। यहां बता दें कि पिछले कई दिनों से यह चर्चा आम थी कि उन्हें भाजपा रादौर या पिहोवा से टिकट दे सकती है। हालांकि इन चर्चाओं से अरोड़ा साफ इंकार करते रहे हैं।