कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ और उच्चतर शिक्षा विभाग के सहयोग से यूथ फाॅर माय भारत-डिजिटल लिटरेसी विषय पर शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का समापन बुधवार को हुआ, जिसमें मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. वीरेंद्र पाल और विशिष्ट अतिथि डॉ. भीम राव आंबेडकर केंद्र के निदेशक डाॅ. प्रीतम सिंह रहे।
शिविर की प्रबंधक सचिव डाॅ. रितु ने बताया कि शिविर में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों एवं प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से स्वयंसेविकाओं को सेवा सहयोग एवं समर्पण भाव से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता आदि के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के केंद्रीय विषय डिजिटल लिटरेसी के अनुरूप आयोजित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा उन्हें समाज के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल शारीरिक श्रम करते हुए समाज सेवा करना नहीं है अपितु समाज के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। स्वयंसेवक किसी भी देश की ऐसी युवा शक्ति है जो देश में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। डॉ. प्रीतम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में निस्वार्थ भाव से अनुशासनबद्ध होकर परिश्रम, एकता, सद्भावना, दया और क्षमा आदि गुणों का विकास करती है।
शिविर के दौरान हुई प्रतियोगिताओं के परिणामों की उद्घोषणा की गई एवं पुरस्कार वितरित किए गए। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में कुवि आईआईएचएचएस की आरती ने पहला स्थान प्राप्त किया और जीसीबी बपोली की नेहा ने दूसरा और पंडित सीएलएसजीस करनाल की अंजली ने तीसरा स्थान हासिल किया। कविता गायन प्रतियोगिता में जीबीएन काॅलेज अंजनथली करनाल की पलक पहले, दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र की शिवानी दूसरे और तमन्ना तीसरे स्थान पर रही। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी एवं प्रबंधन सचिव डाॅ. रितु और डाॅ. आरती अग्रवाल, सोनिया रानी, डाॅ. हेमा, डाॅ. पूनम, डाॅ. कर्मजीत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।