फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योजना शुरु होने के एक साल बाद भी कई जरूरतमंद लड़ रहे बीमारियों से

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाकर बहुत से जरूरतमंदों के जीवन में खुशहाली आई है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और उन्हें इस योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। आयुष्मान विभाग ने सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना 2011 के तहत जिले भर के 70 हजार चयनित परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन इस जनगणना में बहुत से आर्थिक रूप से पिछडे़ परिवारों को 2018 में शुरू हुई आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। लाभ न मिल पाने के कारण योजना शुरू होने के एक साल बाद भी वे सब जरूरतमंद अपनी बीमारी से लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि वे कई बार इस योजना का लाभ उठाने के लिए अस्पताल गए, लेकिन आयुष्मान योजना की लिस्ट में अपना नाम न पाकर उन्हें आज भी अपनी गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ रहा है। गांव किरमिच वासी देवीचंद का कहना है कि वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है। उसकी पत्नी को अस्थमा की बीमारी है, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह अपनी पत्नी का ईलाज कराने में सक्षम नहीं है। इसलिए वह आयुष्मान योजना के तहत पत्नी का इलाज कराने जून माह में अस्पताल पहुंचा तो वहां देखा कि योजना की लिस्ट में उसका नाम ही नहीं था। देवी चंद ने कहा कि आयुष्मान योजना का लाभ न मिल पाने के कारण उसकी पत्नी आज भी अस्थमा की बीमारी से ग्रस्त है और धीरे-धीरे यह गंभीर होती जा रही है। वहीं बाबैन वासी हरजीत कौर ने बताया कि उसके पति देवीचंद दुपट्टे डाई करने का काम करते हैं। कई सालों से उनके हाथ की नस ब्लॉक है, जिसके उपचार के लिए 2017 में पीजीआई भी गए थे, लेकिन उपचार महंगा होने के कारण उनका इलाज नहीं करा पाए। हरजीत ने कहा कि कुछ समय बाद उसे भी यह समस्या हो गई। वर्ष 2018 में आयुष्मान योजना शुरू होने पर उन्हें बेहद खुुशी हुई कि अब वें अपना इलाज करा सकते हैं वो भी नि:शुल्क, लेकिन जब अस्पताल जाकर लिस्ट में अपना नाम तलाश किया तो वहां हमारा नाम दर्ज नहीं था। इस दौरान उनका इस गंभीर बीमारी से मुक्ति का सपना टूट गया और आज भी पति-पत्नी इस बीमारी के साथ अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं।
विज्ञापन

अब एक लाख 80 वार्षिक आय वाले परिवारों को भी मिलेगा योजना का लाभ: उज्ज्वल
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना अधिकारी उज्ज्वल वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम हैं अब उन परिवारों का भी आयुष्मान भारत कार्ड बन सकेगा। इस कार्ड के जरिए जरूरतमंद परिवार प्रत्येक वर्ष पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार करा सकता है। जिन जरूरतमंद परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था अब वें भी इस योजना के तहत अपना सफल इलाज करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें