कुरुक्षेत्र। अनाज मंडियों में सरकारी तौर पर गेहूं खरीद का एक अप्रैल से ऐलान हो चुका है तो कटाई भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इसके साथ एलान के अगले दिन से ही अनाज मंडियों में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई लेकिन एलान के एक सप्ताह बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। न आढ़तियों के पास बारदाना ही पहुंचा है, न ही खरीद हो रही है।
ऐसे में सीजन की शुरूआत में ही किसान मंडी में डेरा डालने को मजबूर होने लगे हैं तो आढ़ती भी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़ा कर रहे हैं। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीजन चरम पर पहुंचे पर क्या हालात होंगे। अधिकारी बैठकों से लेकर दावों तक सिमटे हुए हैं लेकिन हकीकत में तैयारी एक सप्ताह बाद भी अधूरी ही है।
अधिकतर मंडियों व में आढ़तियों के पास सोमवार तक भी बारदाना नहीं पहुंचा, जिससे उनकी चिंता बढ़ रही है। वहीं मंडियों में सड़क व फड़ों की मरम्मत भी नहीं हो पाई है। यही नहीं, अधिकतम पारा भले ही 39 डिग्री तक पहुंच गया है लेकिन मंडियों में लाई जा रही गेहूं में नमी तय मापदंड 12 फीसदी से ज्यादा बताई जा रही है। ऐसे में सोमवार को महज दो अनाजमंडियों में खरीद शुरू हुई, जहां लाडवा में 690 और पिपली अनाजमंडी में 210 क्विंटल गेहूं खरीदी गई।
डीएफएससी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि सोमवार को गेहूं खरीद शुरू कर दी गई है। पहले दिन 900 क्विंटल गेहूं खरीद की जा सकी है। अभी गेहूं में नमी की मात्रा अधिक मिल रही है।
पूर्व मंत्री को आढ़ती बोले, आज तक बारदाना तक नहीं मिला : सोमवार को पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा थानेसर अनाजमंडी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन द्वारा गेहूं खरीद के प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने अनाजमंडी में आई गेहूं में अधिकारियों के साथ नमी की भी जांच की, जिसमें तय मापदंड से अधिक नमी मिलने पर किसानों को गेहूं सूखा कर लाने व जल्दबाजी में कटाई न करने का भी आह्वान किया।
सुधा ने आढ़तियों के साथ बैठक भी की जिसमें आढ़तियों ने बताया कि एक सप्ताह बीत जाने पर भी आज तक बारदाना नहीं मिल पाया है। सीजन के शुरूआत में ही इतने ढीले प्रबंध है तो कैसे काम चल सकता है। इस पर पूर्व राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद भरोसा दिया गया कि मंगलवार तक बारदाना पहुंच जाएगा। वहीं मंडी में टूटी सड़क को भी जल्द दुरूस्त किए जाने को कहा गया।
सुधा ने कहा कि सीजन के दौरान गेहूं खरीद ही नहीं उठान, भुगतान व सफाई का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए अधिकारियों के साथ भी बैठक की जा रही है। इस बार प्रयास रहेगा कि अनाज सड़कों पर न आए। इसके लिए उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी।