कुरुक्षेत्र। श्री गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाश पर्व पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली से महान नगर कीर्तन सजाया गया।
सतगुरु नानक प्रगट्या मिट धुंध जग चानन होया...शबद के साथ बोले सोनिहाल सत श्री अकाल की गूंज से नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ। शबद कीर्तन करते हुए संगत फूलों से सुसज्ज्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की पालकी साहिब के साथ चलती रही।
इससे पहले हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा, मेंबर हरमनप्रीत सिंह बुट्टर, बीबी जसबीर कौर मसाना, इंदरजीत सिंह, हरजीत सिंह और सुखजिंदर सिंह मसाना, चीफ सेक्रेटरी जसविंदर सिंह दीनपुर सहित संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के समक्ष शीश नवाया। पंज प्यारों और निशानचियों को प्रधान जत्थेदार झींडा ने सिरोपा भेंट किया। इसक बाद गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बेअंत सिंह ने गुरु चरणों में अरदास की और फिर नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में सजाए गए इस महान नगर कीर्तन के आगे-आगे संगत झाडू लगाकर रास्ता साफ कर रही थी, जल छिड़काव के साथ फूल भी बरसाए जा रहे थे। इसके अलावा नगर के साथ चल रहे बैंड ने शबद गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यह नगर कीर्तन किरमिच रोड, चनारथल रोड, ढिल्लो काॅलोनी, अकाश नर्सरी, गोबिंदगढ़, सलारपुर रोड, रेलवे रोड, कुटिया वाली गली, गुलजारी लाल नंदा मार्ग, आंबेडकर चौक, छोटा बाजार, सिकरी चौक, शास्त्री मार्किट, बिड़ला मंदिर चौक से होते हुए गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में देर सायं संपन्न हुआ।
कुरुक्षेत्र। नगर कीर्तन की अगुवाई करते पंज प्यारे। संवाद- फोटो : सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं।