संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 24 नवंबर को पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर गीता यज्ञ एवं पूजन से होगा। पहली बार 21 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में संस्कृति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अलग ही संगम देखने को मिलेगा। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महोत्सव में शामिल होंगे और इस दौरान ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र के उद्घाटन की भी तैयारी है। यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सैनी का। वे गीता महोत्सव पर शुक्रवार को सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में कहा था कि कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उनसे प्रेरणा प्राप्त कर गीता महोत्सव को कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत वर्ष 2016 में की थी, तब से अब तक पिछले नौ वर्षों से इस महोत्सव को अपार सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का शुभारंभ होगा जिसमें गीता मर्मज्ञ, विद्वान एवं शोधार्थी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। इनमें 16 देशों के 25 विद्वान भी शामिल होंगे। 51 देशों में गीता महोत्सव के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे जिनका लाइव प्रसारण रहेगा।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से दूसरे देशों में विभिन्न भाषाओं में अनुवाद की गई श्रीमद्भागवत गीता की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। फिजी और त्रिनिदाद एवं टोबेगो से 20 पंडित दो दिन के लिए कुरुक्षेत्र आ रहे हैं, जोकि महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके अलावा सात देशों के 25 शिल्पकारों की ओर से महोत्सव के दौरान अपनी शिल्प का प्रर्दशन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 से 30 नवंबर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग में पदम विभूषित रामभद्राचार्य की ओर से जीयो गीता के तत्वावधान में कथा का आयोजन किया जाएगा। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की प्रेरणा और प्रयासों से मॉरीशस, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान समेत अन्य देशों में गीता महोत्सव का भव्य आयोजन हो चुका है।
28 नवंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम : मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में हरियाणा की संस्कृति, शिल्प, खान-पान इत्यादि से संबंधित हरियाणा पेवेलियन बनाया जाएगा। इसमें वाले पर्यटक और तीर्थयात्री हरियाणा की संस्कृति से रूबरू होंगे। बलराम कुश्ती दंगल का भी आयोजन करवाया जाएगा।