कुरुक्षेत्र। किसानों को अपने खेतों की मृदा गुणवत्ता में सुधार के लिए रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
किसानों को वितरित किए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड से मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्वों को दूर करने में सहायता मिलेगी। उसी अनुसार किसानों को केवल उन्हीं उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए जो मृदा स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यक हों। वहीं खाद विक्रेताओं पर निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को धरती माता बचाओ अभियान के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह चर्चा की।
बैठक में उप मंडल अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र, इफको व कृभको के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला स्तरीय, उप मंडल स्तरीय व ग्राम स्तरीय कमेटी का गठन करके खाद विक्रेताओं की निगरानी रखकर खाद के वितरण में पारदर्शिता लाना है।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि ग्राम स्तरीय समिति पंचायत में किसी विशेष व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को उर्वरकों की अत्यधिक बिक्री की निगरानी कर सकता है।
गैर-कृषि उपयोग या सीमा पार तस्करी के मामले में जिला एवं उप मंडल स्तरीय अधिकारियों को सूचित कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार के नकली या जाली उर्वरकों के उत्पादन वितरण पर निगरानी रखना और ऐसी जानकारी गठित कमेटियों को देनी चाहिए। जिला प्रशासन जिले में उन गांवों को चिह्नित करेंगे जहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग काफी अधिक हो रहा है।