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Kurukshetra News: युवाओं के लिए अवसरों वाला बजट

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कुरुक्षेत्र। लावन्या शर्मा। - फोटो : अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कूरेभार चौराहे से साइकिल पर दूध लेकर जाता दू​धिया। संवाद
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कुरुक्षेत्र। केंद्रीय बजट 2026-27 को युवाओं और छात्रों के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में प्रावधान किए गए हैं।
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बजट में न केवल शिक्षा के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है बल्कि एआई, स्किल-आधारित ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और उद्यमिता को भी मजबूती दी गई है। साथ ही छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण, महिला छात्रावास और स्वास्थ्य व खेल क्षेत्र में नए अवसर युवाओं के लिए सकारात्मक संदेश देते हैं। हालांकि महंगाई, रोजगार की गुणवत्ता और क्रियान्वयन जैसी चुनौतियां भी युवाओं के मन में हैं। युवाओं की अपेक्षा है कि बजट घोषणाएं कागजों तक सीमित न रहें बल्कि जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हों।
शिक्षा और डिजिटल भविष्य की ओर कदम : खुशी
खुशी का मानना है कि केंद्रीय बजट शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहद सहायक साबित हो सकता है। शिक्षा के लिए 1,39,289 करोड़ का आवंटन, जो पिछले वर्ष से लगभग 8.3% अधिक है, सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों पर संतुलित ध्यान दिया गया है। डिजिटल शिक्षा, एआई और स्किल-आधारित प्रशिक्षण पर जोर छात्रों की रोजगार-योग्यता बढ़ाने में मदद करेगा। हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल, पांच नई विश्वविद्यालय टाउनशिप और आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों को अतिरिक्त फंड से शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा। यह बजट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भविष्य की तैयारी को नई दिशा देता है।
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आत्मनिर्भरता के रास्ते खोलता है बजट : लावन्या
लावन्या शर्मा का कहना है कि यह बजट युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोलता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से बड़े पैमाने पर नौकरियां सृजित होंगी। शिक्षा में 1.39 लाख करोड़ का आवंटन युवाओं को स्किल और डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगा। स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए एसएमई ग्रोथ फंड जैसी योजनाएं उद्यमिता को बढ़ावा देंगी। खेल बजट में वृद्धि से खेलों को कॅरिअर के रूप में अपनाने के अवसर बढ़ेंगे। यह बजट शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है।
कौशल, स्वास्थ्य और खेल पर फोकस : रोहित
रोहित का कहना है कि बजट में युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। 1.5 लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को एनएसक्यूएफ के तहत प्रशिक्षण देने की घोषणा रोजगारोन्मुख कदम है। पशु स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उद्योग-शिक्षा एकीकरण वाले पांच विश्वविद्यालय नगर और खेलो इंडिया के प्रशिक्षण केंद्र युवाओं के सर्वांगीण विकास में मदद करेंगे। बजट युवाओं को तकनीकी और पेशेवर रूप से सक्षम बनाता दिखता है।
उम्मीदों के साथ चुनौतियां भी बरकरार : राहुल
शोधार्थी राहुल दीप का कहना है कि बजट छात्रों के लिए कई आशाजनक संकेत देता है। शिक्षा, अनुसंधान, डिजिटल अवसंरचना, स्टार्टअप और कौशल विकास पर बढ़ा व्यय बेहतर अवसर पैदा कर सकता है। छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण में सुधार से कमजोर वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि महंगाई, निजी शिक्षा की ऊंची फीस, सीमित रोजगार और व्यावहारिक प्रशिक्षण की कमी जैसी समस्याएं अभी भी चिंता का विषय हैं। छात्रों की अपेक्षा है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो। कुल मिलाकर यह बजट संतुलित है।
विदेशी शिक्षा सस्ती पर ब्रेन ड्रेन की चिंता : अवनी
अवनी सिंह का मानना है कि शिक्षा बजट में संसाधनों और कौशल विकास पर बढ़ा निवेश सराहनीय है। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों पर टीसीएस को 5-20% से घटाकर 2% करना बड़ी राहत है जिससे विदेशी शिक्षा अधिक सुलभ होगी। यह कदम मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है। हालांकि इससे युवाओं का विदेशों की ओर पलायन बढ़ने की आशंका भी है, जो देश की स्थानीय कार्यशक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए आवश्यक है कि देश में भी उच्च गुणवत्ता के अवसर बढ़ें, ताकि प्रतिभा देश में ही विकसित हो सके।

कुरुक्षेत्र। लावन्या शर्मा।- फोटो : अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कूरेभार चौराहे से साइकिल पर दूध लेकर जाता दूधिया। संवाद

कुरुक्षेत्र। लावन्या शर्मा।- फोटो : अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कूरेभार चौराहे से साइकिल पर दूध लेकर जाता दूधिया। संवाद

कुरुक्षेत्र। लावन्या शर्मा।- फोटो : अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कूरेभार चौराहे से साइकिल पर दूध लेकर जाता दूधिया। संवाद

कुरुक्षेत्र। लावन्या शर्मा।- फोटो : अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के कूरेभार चौराहे से साइकिल पर दूध लेकर जाता दूधिया। संवाद

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