जिले भर के 12 लाख से ज्यादा लोगों की सुरक्षा करने वाली पुलिस खुद संकट में हैं। संकट ऐसा वैसा नहीं बल्कि सुरक्षा से ही जुड़ा हुआ है। इन लाखों लोगों की सुरक्षा का जिम्मा महज 1290 पुलिसकर्मियों पर है। जो पुलिस कर्मी है उनके पास भी पर्याप्त संसाधन नहीं है।
खास बात यह है कि इतने कम पुलिसकर्मियों ने भी आंदोलन के दौरान हुए हंगामों को कुशलता से काबू में रखा। एसपी सिमरदीप सिंह के नेतृत्व में इन पुलिसकर्मियों ने उस वक्त अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया जब पूरा हरियाणा जल रहा था। लेकिन इन पुलिसकर्मियों ने जिले की कानून व्यवस्था को बिगडने नहीं दिया। लेकिन आगे के लिए यही कमी बड़ा संकट बन सकती है।
जिले में कुल 11 थाने थे। कुरुक्षेत्र शहर में थानों की संख्या तीन है। इन थानों में 1290 पुलिसकर्मी हैं। जिनमें डीएसपी से लेकर सिपाही तक सभी शामिल है। लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में तब 9 लाख 4 हजार 655 की जनसंख्या थी। अनुमान है कि इन पांच वर्षों में तीन लाख से ज्यादा लोग बढ़े हैं। इस लिहाज से पुलिसकर्मियों की यह संख्या नही के बराबर है। औसत निकाला जाए तो एक पुलिसकर्मी के जिम्मे करीब 930 लोगों की सुरक्षा का दायित्व है।
यह कहता है नेशनल स्टेंडर्ड विशेषज्ञों के अनुसार नेशनल स्टैंडर्ड के लिहाज से करीब 300 लोगोंपर एक पुलिसकर्मी होना चाहिए। लेकिन यहां स्थिति बिलकुल विपरित है। जिले में 6 डीएसपी, 12 एसआई, 45 एएसआई और 76 महिला पुलिस कर्मचारी है। इन पुलिसकर्मियों पर आए दिन होने वाली वारदातों से निपटने का ही संकट रहता है। पिछले दिनों गांव ज्योतिसर में डबल मर्डर, रेलवे रोड़ पर लुट, एक व्यापारी के बेटे का अपहरण जैसी घटनाएं हो चुकी है। बाइक चोरी, पशुओं की चोरी होना आए दिन की बात है। ऐसे में कम से कम एक हजार पुलिसकर्मी जिले में और चाहिए ही चाहिए। यह थाने है जिले मेंजिले में कुल 11 थाने हैं। जिनमें शहर थाना कुरुक्षेत्र, सदर थाना कुरुक्षेत्र, केयूके थाना कुरुक्षेत्र, महिला थाना कुरुक्षेत्र, ट्रेफिक थाना कुरुक्षेत्र इसके अलावा इस्माईलाबाद, पिहोवा, लाडवा, बाबैन, शाहाबाद, झांसा के थाने शामिल हैं।
जनसंख्या के लिहाज से पुलिसकर्मी कम है- बेहद कम हैं, लेकिन सरकार ने अब भर्ती शुरू की है। करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती हरियाणा में होगी। इससे कुछ राहत हमें भी मिलेगी। पुलिसकर्मियों के पास पर्याप्त साधन नहीं है- ऐसा नहीं है कि साधन नहीं है। जरूरत के लिहाज से सभी संसाधन हमारे पास है। कानून व्यवस्था बिगड़े तो क्या करेंगे? क्षेत्र के लिए बेहद जिम्मेदार और शांतिप्रिय है। लेकिन यदि ऐसी स्थिति आने पर आसपास के क्षेत्रों से पुलिस आती है।
कितने पुलिसकर्मियों की और जरूरत ?यदि नेशनल स्टैंडर्ड की बात करें तो संख्या बेहद हो जाएगी, लेकिन जो भर्ती हो रही है। उनमें से कुछ प्रतिशत पुलिसकर्मी भी मिले तो राहत मिल जाएगी।