कुरुक्षेत्र। नेत्रदानी और देहदानी बचनी देवी इन्सां को अंतिम विदाई देते परिजन और सेवादार। स्वयं
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-30 निवासी 93 वर्षीय बचनी देवी इन्सां ने मृत्यु के बाद भी दूसरों के जीवन में उजाला भरने की प्रेरणा दी। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान और देहदान किया। उनकी आंखें अर्पणा आई बैंक, मधुबन (करनाल) को भेजी गईं। पार्थिव शरीर मेडिकल शिक्षा और शोध के लिए एनसी मेडिकल कॉलेज, इसराना (पानीपत) को सौंपा गया। सैकड़ों लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बचनी देवी इन्सां डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी थीं। उनके बेटे रोणकी राम और मुन्नी लाल ने बताया कि उनकी माता जीवनकाल में अपनी आंखों और शरीर का दान करने की बात कहती थीं। उनका उद्देश्य जरूरतमंदों को आंखों की रोशनी देना और मेडिकल शोध में सहायता करना था। परिजनों ने उनकी इसी इच्छा को पूरा किया।
पहल की सराहना
एनसी मेडिकल कॉलेज इसराना के प्राचार्य डॉ. बृज किशोर गुप्ता ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि देहदान से भावी डॉक्टरों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इससे चिकित्सा शोध में भी मदद मिलेगी। डॉ. गुप्ता ने नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने बचनी देवी इन्सां को श्रद्धांजलि दी।