फोटो नंबर - 24
लस्सी पिलाकर किया मेहमानों का स्वागत
- स्वच्छ शक्ति सम्मेलन में आई देश भर की स्वच्छता गृहियों ने किया बीड़ सुजरा गांव का भ्रमण
- गांव की स्वच्छता व्यवस्था देखकर गदगद हुईं देशभर की स्वच्छता गृही
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन। गांव बीड़ सुजरा साफ-सुथरी छवि के कारण सोमवार को देशभर से आई करीब पांच हजार महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। सोमवार को गांव का नजारा देखने लायक था। फूलों के गांव से मशहूर इस गांव के लोगों ने अपने खेतों से लाए गए फूलों से प्रवेश द्वार को बेहतर ढंग से सजाया। वहीं फूलों से सजी दीवारों ने सबको अपनी ओर आकर्षित किया। गांव की महिलाओं की सादगी से पर्यटक महिलाएं बेहद खुश नजर आई। उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर पीएम के स्वच्छ शक्ति-2019 के विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न प्रोजेक्ट दिखाने की योजना प्रशासन की ओर से बनाई गई है। इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा बीड़ सुजरा के पांच पौंड सिस्टम वाला तालाब एवं कचरा प्रबंधन की सफल योजना को देशभर से आई महिलाओं को दिखाने का फैसला लिया गया। बीड़ सुजरा की महिलाओं ने विभिन्न राज्यों से आई करीब 5 हजार महिलाओं को फूलमालाएं पहनाकर स्वागत कर छाछ (लस्सी) पिलाई।
उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, जारखंड सहित कई प्रदेशों से आई मेहमान महिलाओं ने भी अपने पारंपरिक लोक गीतों को खुशी में नाच-गाकर शुक्रिया किया। बीड़ सुजरा की महिलाओं ने विभिन्न राज्यों से आई मेहमानों से विचार सांझा किए और एक-दूसरे की सभ्यता एवं संस्कृति को समझने का प्रयास किया। इसी बीच ग्रामीण महिलाओं को पर्यटक महिलाओं से लोक सांस्कृतिक गीतों की विभिन्न प्रकार संस्कृति का ज्ञान भी मिला। बीड सुजरा की युवा सरपंच ज्योति सैनी ने बताया कि उन्हें इस बात का हर्ष है कि उनके कार्यकाल में उनके गांव को पर्यटकों को दिखाने का फैसला सरकार के द्वारा लिया है। उनका गांव स्वच्छता के मामले में अन्य गांवों से भिन्न होने के चलते पूरे जिले में विख्यात है। गांव की गलियां 22 से 24 फुट चौड़ी है और यहां के सभी लोग आपस में भाईचारे से मिलजुल कर रहते हैं। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय फूलों की खेती है और गांव में अधिकतर विभिन्न तरह के फूलों की खेती की जाती है, जिससे इस गांव को क्षेत्र में फूलों का माजरा भी कहा जाता है। गांव में भाजपा सरकार द्वारा कई विकास कार्य कराए गए हैं।
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गांव में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी पंचायती राज विभाग के एक्सईएन कर्ण सिंह श्योराण एवं उपमंडल अधिकारी शिवकुमार भारद्वाज ने बताया कि समारोह को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पिछले कईं दिनों से काफी मेहनत की है। देशभर से आ रही महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सोमवार को दिनभर में 5 बैच में 100 बसों के माध्यम से महिलाओं ने गांव में आगमन किया है। पहली दस बसों का बैच सुबह 11 बजे गांव पहुंचा, जबकि अंतिक बैच शाम 5 बजे पंहुचने पर कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
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उत्तराखंड के सलिंग गांव की ग्राम प्रधान हंसी द्याराकोटी ने गांव बीड़ सुजरा पहुंचकर हर्ष जताया। उन्होंने विशेेष रूप से गांव की स्वच्छता एवं विकास की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भी अपने क्षेत्र में इसी तरह विकास कार्य कराने के लिए प्रयास करेंगी। हंसी ने कहा कि उन्हें गांव की फूलों की खेती ने बहुत प्रभावित किया, क्योंकि जैसे ही उनका काफिला गांव के प्रवेश द्वार पर पहुंचा तो कई प्रकार के फूलों की खुशबू ने उनका मन मोह लिया। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला की अनीता एवं सुनीता ने कहा कि हरियाणा के गांवों में उन्हें जो प्यार मिला है, उसकी मिशाल कम ही मिलती है। उन्होंने स्वागत पर गांव की सरपंच ज्योति सैनी एवं महिलाओं का आभार जताया है।
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जय भगवान सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि कुछ विकास कार्य भी बड़ी तीव्र गति से प्रशासन द्वारा यहां किए गए जाने से गांव का कायाकल्प हुआ है। मेन चौक पर ब्लॉक टाइल लगाने का कार्य प्रमुख रहा है। कई जगहों पर अभी सफाई होना बाकी था, वहां अतिरिक्त सफाई कर्मचारी लगाकर सफाई कराई गई है। ग्रामवासी श्यामलाल सैनी ने बताया कि गांव के मैन चौक पर इस कार्यक्रम की बदौलत काफी सफाई हो गई है। यूं तो गांव में विकास कार्य लगातार चलते रहते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में प्रशासन ने विशेष रूप से योगदान दिया है।