अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा (कुरूक्षेत्र)। पंजाब के एक गांव में क्लीनिक की आड़ में शर्तिया लड़का होने की दवाई बेचने वाली एक महिला को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस ने रंगे हाथों काबू किया है। टीम ने क्लीनिक से भारी मात्रा में लड़का होने की दवाइयां भी बरामद की है। महिला का नेटवर्क हरियाणा के तीन जिले कुरुक्षेत्र, कैथल व अंबाला तक फैला हुआ था। पकड़ी गई महिला की पहचान रणजीत कौर के रुप में हुई है जो देवीगढ़ (जिला पटियाला, पंजाब) के गांव छन्ना में एक क्लीनिक की आड़ में लड़का होने की दवाइयां बेच रही थी।
वीरवार को कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम व पिहोवा पुलिस ने उक्त महिला को उसके क्लीनिक पर रेड कर उसे रंगे हाथों लड़का होने की दवाई बेचने के आरोप में काबू कर लिया। टीम ने मौके से फर्जी ग्राहक द्वारा दिए गए दो हजार रुपए के चिह्नित नोट भी आरोपी महिला से बरामद किए है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ आरके सहाय ने बताया कि विभाग को देवीगढ के गांव छन्ना में महिला रणजीत कौर द्वारा क्लीनिक की आड़ में शर्तिया लड़का होने की दवाई बेचने की शिकायतें मिली रही थी। इस कार्रवाई करते हुए विभाग की ओर से पिहोवा से डॉ. अजित पाल सिंह, डॉ. गौरव व डा. राजीव की एक टीम गठित की गई, जिसने एक फर्जी ग्राहक बनाकर उसे महिला रणजीत कौर के संपर्क में भेजा। रणजीत कौर ने फर्जी ग्राहक को दो हजार रुपये लेकर गांव छन्ना स्थित अपने क्लीनिक पर बुलाया और उससे दो हजार रुपये लेकर दवाई दे दी। दवाई लेते ही फर्जी ग्राहक ने तुरंत टीम को इशारा कर दिया और इशारा पाकर टीम ने क्लीनिक पर रेड कर महिला रणजीत कौर को रंगे हाथों काबू कर लिया। थाना प्रभारी जय नारायण शर्मा ने बताया कि पुलिस आरोपी महिला से जुड़े नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।
तीन जिलों में महिला का नेटवर्क
डॉ. आरके सहाय ने बताया कि महिला रणजीत कौर का कुरुक्षेत्र, कैथल व अंबाला में नेटवर्क फैला हुआ था। इस नेटवर्क के जरिए महिला बड़ी आसानी लड़का होने की दवाइयां बेच रही थी। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को कई शिकायतें भी मिली थी। लेकिन महिला बार-बार ठिकाना बदल देती थी। जिसके कारण महिला को काबू नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि एलोपैथिक में शर्तिया लड़का होने की कोई दवाई नहीं है।