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कुंटिया की हड़ताल रही जारी, कामकाज ठप, भटकते रहे विद्यार्थी

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फोटो नंबर-21, 22 , 24 व 25
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कुंटिया की हड़ताल रही जारी, कामकाज ठप, भटकते रहे विद्यार्थी
- कर्मचारियों के कहों को कई वर्षो से दबाए हुए है केयू प्रशासन : गुर्जर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी (कुंटिया) के आह्वान पर 1365 कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दूर-दराज से पहुंचे विद्यार्थी आपने काम करवाने के लिए भटकते रहे। हड़ताल के चलते यूनिवर्सिटी की तीनों परीक्षा शाखाओं, प्रशासनिक ब्लॉक सहित विभागों के सभी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। कुंटिया के आह्वान पर विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी प्रशासनिक ब्लॉक के सामने एकत्रित हुए और केयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कुंटिया प्रधान राम कुमार गुर्जर ने कर्मचारियों को संबंधित करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कुंटिया को कमजोर समझने की भूल कर रहा है। हड़ताल का हर्जाना दूर-दराज से आए विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को उठाना पड़ रहा है। रोजाना सैंकड़ों छात्र दूर-दराज के क्षेत्रों से यूनिवर्सिटी में अपने कार्य के लिये आते है, लेकिन उन्हें निराश होहर लौटना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। जो केयू प्रशासन ने कई वर्षों से दबाया हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से पिछले पांच महीनों से पैसा नहीं डाला गया। केयू प्रशासन की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कर्मचारियों को आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ रहा है। कुंटिया महासचिव नीलकंठ शर्मा एवं सहसचिव रविंद्र तोमर ने कहा कि सरकार से अपील की है कि इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की छवि को ख़राब होने से बचाएं। प्रशासन अपने तुगलकी फरमानों से कुंटिया के कर्मचारियों के जायज हकों को दबाने की कोशिश कर रहा है। प्रेस सचिव मनीष बलदा और कोषाध्यक्ष अनिल लोहाट ने कहा कि कर्मचारियों के विभिन्न प्रकार के एरियर पिछले कई वर्षों से लंबित पड़े हैं। उन्होंने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों के सभी बकाया एरियर और यूनिवर्सिटी में सभी प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर नहीं होती तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को प्रशासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ कुंटिया सख्त निर्णय लेगी । इस अवसर पर वरिष्ठ उप प्रधान भूषण कुमार, उप प्रधान विष्णु नाथ, पूर्व कुंटिया प्रधान सुनील कक्कड़, चंदन सिंह, पूर्व महासचिव डॉ दीपक शर्मा, भारत भूषण, रामेश्वर सैनी, जयपाल, नरेंदर वर्मा, कृष्ण पाण्डेय, सतीश शर्मा, प्रियंका श्योकंद, तेजपाल व बलकार सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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दस बार काट चुका हूं चक्कर: अमर रहैजा
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छात्र अमर रहैजा ने बताया कि बीकॉम के पांचवें समेस्टर की डीएमसी लेने के लिए केयू के दस चक्कर काट चुके है, लेकिन आज तक डीएमसी नहीं मिली। हिसार से कुरुक्षेत्र तक आने में बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती है। विद्यार्थी अपने कार्यों के लिए भटकते रहे ,परेशान होते रहते यूनिवर्सिटी प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता।
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जब भी केयू आते है आगे हड़ताल ही मिलती है: प्रवीन कुमार
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यमुनानगर के छात्र प्रवीन कुमार का कहना है कि वे जब भी किसी काम से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी आते है, तो आगे कर्मचारियों की हड़ताल ही दिखाई देती है। वे शुक्रवार को पांच वर्षीय एमबीए की डीएमसी लेने के लिए आये थे, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल देख निराश होकर घर वापस लौटना पड़ा।
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