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पंजीकरण के नाम पर 300-300 रुपये हड़पने से नाराज मजदूरों ने कार्यालय में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। भवन निर्माण मजदूर यूनियन (इंटक) में पंजीकरण कराने के नाम पर मजदूरों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पंजीकरण न होने से नाराज मजदूरों ने यूनियन कार्यालय पर खूब हंगामा किया। मजदूरों ने लिखित शिकायत देकर पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
रामगढ़ रोड निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एक महीने पहले यूनियन के कुछ लोग पंजीकरण करने गांव आए थे। उन्होंने मजदूरों को कई लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया था। उनके झांसे में आकर गांव के कई लोगों ने 300-300 रुपए देकर पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। उक्त लोगों ने एक महीने के बाद कार्यालय से अपने पंजीकरण की कॉपी ले जाने को कहा था। एक महीने बाद वह कार्यालय पहुंचे तो यूनियन कार्यालय पर ताला लटका हुआ था। कई बार चक्कर काटने के बाद उन्हें पता चला कि उक्त कार्यालय एक महीने से बंद पड़ा है। कार्यालय खुलने की सूचना पाकर जब वह कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कोई नहीं आया तो पुलिस को शिकायत दी। इस अवसर पर बीरमती, नेहा, सोनू, बोबी, मंगलदास तथा कुलदीप सहित कई लोग मौजूद रहे। उधर, सिटी चौकी इंचार्ज नरेंद्र ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और न ही कोई शिकायत मिली है।
ऑनलाइन करने के नाम पर हड़पे 500 रुपये
पिहोवा की बीरमती ने बताया कि ने करीब 5 साल पहले उनकी लेबर डिपार्टमेंट से पंजीकरण कॉपी बनी थी। योजना के तहत उसे लाभ भी मिला था। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उक्त कार्यालय में बैठे में लोगों ने उसकी पंजीकरण कॉपी ऑनलाइन करने के एवेज में 500 रुपये और पंजीकरण कॉपी ली थी, लेकिन तब से ही यह कार्यालय बंद है और आज भी उसे कॉपी नहीं मिली है।
यूनियन को किया बदनाम
यूनियन के जिलाध्यक्ष जसविंदर ने बताया कि पुराने डाकखाने वाली गली में मौजूद यूनियन का कार्यालय अवैध है। इस कार्यालय के संचालक को यूनियन से काफी समय पहले निकाल दिया गया था। जो अब यूनियन को बदनाम करने के लिए लोगों से यूनियन में पंजीकरण के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों के पास यूनियन के नाम से स्लिप उनका पंजीकरण किया जाएगा।