मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे मजदूर, जमकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन की जिला कमेटी के नेतृत्व में भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों ने प्रदेश सरकार और श्रमकल्याण बोर्ड की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन और धरने के बाद एडीसी को ज्ञापन सौंपा गया। श्रमिक स्थानीय नए बस अड्डे पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला प्रधान चांदी राम ने कहा कि प्रदेश के श्रम मंत्री नायब सिंह सैनी आए दिन मजदूरों को बरगलाने के लिए, श्रमिकों की बेटी की शादी से तीन दिन पहले वित्तीय सहायता, मुफ्त खाना देने, मकान के लिए दो लाख रुपये ब्याज मुफ्त ऋण आदि की घोषणाएं कर रहे हैं। यह सिर्फ जुमले ही साबित हुए हैं। इन योजनाओं से आज तक किसी भी श्रमिक को कोई लाभ नहीं मिला है। कुछ योजनाओं का लाभ श्रमिकों को मिलता भी है, तो उनके फार्मों को लेना बोर्ड के कार्यालय ने बंद कर दिया है। यूनियन जिला उपप्रधान रामचंद्र ने कहा कि मजदूर श्रमिकों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा। न लाभों से संबंधित फाइलों को लिया जा रहा है। कार्यालय भी मजदूरों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं दे रहा। जनवरी, 2018 की अधिसूचना के अनुसार निजी अस्पतालों में कम से कम चार दिन और अधिकतम 30 दिन तक दाखिल रहने पर श्रमिक को दी जाने वाली आर्थिक चिकित्सा सहायता तुरंत प्रभाव से लागू की जाए। पैनल में लिए गए निजी अस्पतालों के नामों की सूची उपलब्ध करवाई जाए। यूनियन के प्रांतीय प्रधान करनैल सिंह ने कहा कि एक जनवरी, 2018 से बोर्ड द्वारा ऑन-लाइन प्रणाली से पंजीकरण और लाभ वितरण के लिए नियम बनाए गए हैं, जिसमें पंजीकरण अधिकारियों को श्रमिकों की अज्ञानता और शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फार्म भरने, डाटा अपलोड करने, कार्यालय में ऑफ लाईन से प्राप्त फार्मों के विवरण को विभागीय पोर्टल पर डालने का काम करें। धरने-प्रदर्शन को मनरेगा मजदूर यूनियन की जिला उपप्रधान उषा कुमारी, जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी, मंच राज्य सचिव सोमनाथ, मनरेगा के जिला प्रधान नरेश ने भी संबोधित किया।